पेरिस, फ्रांस में रहने वाली इस एथलीट और काउंसलर ने अपने खेल और पेशेवर करियर दोनों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। अंग्रेजी, फ्रेंच, पुर्तगाली और स्पेनिश भाषा में पारंगत, उन्होंने पेरिस के एसेक बिजनेस स्कूल से स्पोर्ट्स मार्केटिंग में डिग्री हासिल की है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2008 | Women 48kg | Last 32 |
| 2004 | Women 48kg | S रजत |
उनके शौक में सर्फिंग, सिनेमा और कोर्सिका की यात्रा करना शामिल है। वह जापानी जुडोका रयोको तानी, ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी सामंथा स्टोसुर और फ्रेंच रग्बी खिलाड़ी दिमित्री शारज़ेव्स्की की प्रशंसक हैं। प्रत्येक मैच से पहले, वह एक कुर्सी पर बैठकर मानसिक रूप से तैयार होने के लिए 15-20 मिनट का समय लेती हैं।
उनका लक्ष्य लंदन 2012 ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करना था। हालाँकि वह पेरिस में 2011 विश्व चैंपियनशिप में पदक नहीं जीत पाईं, लेकिन उनका ध्यान लंदन ओलंपिक में पदक हासिल करने पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि लंदन के बाद भी उनके करियर के विकल्प खुले हैं।
2011 की विश्व चैंपियनशिप के बाद, उन्होंने रिटायरमेंट के बारे में सोचा, लेकिन लंदन ओलंपिक के बाद तक अपने विकल्प खुले रखे। उन्होंने बताया कि उनके पास स्पोर्ट्स मार्केटिंग डिप्लोमा है और 2012 तक उनकी कंपनी से समर्थन मिला, जिससे उन्हें एथलीट और व्यवसायी के रूप में अपनी भूमिकाओं को संतुलित करने में मदद मिली।
2010 में, उन्होंने फ्रेंच रियलिटी टीवी कार्यक्रम कोह लांता में भाग लिया। हालाँकि दो सप्ताह बाद ही उन्हें बाहर कर दिया गया, लेकिन उन्हें यह अनुभव बहुत अच्छा लगा। इससे उन्हें अपने करियर और भविष्य की योजनाओं पर विचार करने का मौका मिला।
उन्होंने खेल प्रशासन में अपना करियर बनाने में रुचि दिखाई है। पेरिस के एक नगर के लिए पार्षद के रूप में पहले ही निर्वाचित हो चुकी हैं, वह ओलंपिक समिति के लिए काम करने वाले शीर्ष एथलीटों की समिति का हिस्सा हैं और उन्हें अपने अंतरराष्ट्रीय महासंघ के लिए चुना गया है। उन्हें लगता है कि भविष्य में वे इस क्षेत्र में ज़िम्मेदारियाँ संभालने में सक्षम हैं।
जूडो से लेकर गवर्नेंस तक इस एथलीट की यात्रा उसके समर्पण और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है। उसकी भविष्य की योजनाएं उसके प्रतिस्पर्धी वर्षों से परे खेल की दुनिया में योगदान देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।