इंडोनेशिया की एक एथलीट बॉकिया की दुनिया में धूम मचा रही है। उन्होंने 2021 में 16 साल की उम्र में इस खेल की शुरुआत की थी। उनकी समर्पण और कड़ी मेहनत रंग लाई है, क्योंकि वे अब अपने कोच, अर्ग्या सेत्या विमाला के मार्गदर्शन में हफ्ते में 30 घंटे प्रशिक्षण लेती हैं।

उन्होंने इंडोनेशिया के करंगान्यार के मुहम्मदिया विश्वविद्यालय में कोचिंग की पढ़ाई की। इस शैक्षिक पृष्ठभूमि ने उन्हें खेल और इसकी बारीकियों की गहरी समझ प्रदान की है।
उनके सबसे यादगार पलों में से एक 2023 में आया था जब उन्होंने कंबोडिया में आयोजित आसियान पैरा गेम्स में महिलाओं की BC2 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। यह जीत उनके कौशल और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
उनकी माँ उनके जीवन और करियर में एक महत्वपूर्ण प्रभाव रही हैं। इसके अतिरिक्त, वे ब्रिटिश अभिनेत्री एम्मा वाटसन को अपना हीरो मानती हैं, वाटसन की उपलब्धियों और वकालत से प्रेरणा लेती हैं।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य 2024 में पेरिस में आयोजित पैरालंपिक खेलों में पदक जीतना है। यह लक्ष्य उनके दैनिक प्रयासों को प्रेरित करता है और बॉकिया के लिए उनके जुनून को बढ़ावा देता है।
एक मजबूत समर्थन प्रणाली, कठोर प्रशिक्षण और स्पष्ट महत्वाकांक्षाओं के साथ, यह एथलीट अपने खेल करियर में निरंतर सफलता के लिए तैयार है।