चीन के बीजिंग में रहने वाली इस एथलीट ने साइकिलिंग की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति की है. उसने छह साल की उम्र में इस खेल में अपना सफर शुरू किया. 15 साल की उम्र तक, वह अपने कौशल को और निखारने के लिए बीजिंग एशियन साइकिलिंग ट्रेनिंग सेंटर चली गई.

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Women's Keirin | S रजत |
| 2012 | Women Team Sprint | S रजत |
| 2012 | Women's Sprint | B कांस्य |
| 2008 | Women's Sprint | B कांस्य |
उसने 2002 में अंतरराष्ट्रीय शुरुआत की. वर्षों से, उसने कई मील के पत्थर हासिल किए, जिसमें ओलंपिक खेलों में स्प्रिंट इवेंट में पदक जीतने वाली चीन की पहली साइकिलिस्ट बनना शामिल है. उसने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में नीदरलैंड के विली कैनिस को हराकर कांस्य पदक हासिल किया.
अपनी सफलताओं के बावजूद, उसे रास्ते में चुनौतियों का सामना करना पड़ा. 2010 में, विश्व कप में एक दुर्घटना के दौरान उसके दाहिने कॉलरबोन में फ्रैक्चर हो गया. यह चोट एक बड़ा झटका थी, लेकिन वह ठीक हो गई और उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना जारी रखा.
उपलब्धियों की पहचान में, उसे 2010 में जिलिन प्रांत के शीर्ष 10 उत्कृष्ट युवाओं में से एक के रूप में चुना गया था. इस सम्मान ने खेल में उसके योगदान और युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा के रूप में उसकी भूमिका को उजागर किया.
उनका करियर विवादों से मुक्त नहीं रहा. 2008 के ओलंपिक खेलों के दौरान, उसे ऑस्ट्रेलिया की अन्ना मेयर के खिलाफ अपने सेमीफ़ाइनल रेस में हटा दिया गया था. हालांकि वह पहले लाइन पार कर गई, लेकिन जजों ने फैसला सुनाया कि उसने गैरकानूनी तरीके से मेयर को ट्रैक के भीतरी नीले बैंड पर धकेल दिया था.
आगे देखते हुए, वह कुलीन स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना जारी रखना चाहती है और अधिक युवा एथलीटों को साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित करने की उम्मीद करती है. एक आकस्मिक साइकिलिस्ट से ओलंपिक पदक विजेता तक उसकी यात्रा उसकी समर्पण और लचीलेपन के प्रमाण के रूप में काम करती है.
एथलीट की कहानी दृढ़ता और उपलब्धि की है. विनम्र शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय ख्याति तक, उसने दिखाया है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से क्या संभव है.