उन्होंने छह साल की उम्र में जुडो की यात्रा शुरू की। एक दोस्त के प्रभाव से, उन्होंने इस खेल को अपनाया और तब से महत्वपूर्ण प्रगति की है। वर्तमान में, वह जापान में मित्सुई सुमितोमो से संबद्ध हैं। उनके प्रशिक्षण का मार्गदर्शन दो कोच करते हैं: क्लब स्तर पर हिसाशी यानागिसावा और राष्ट्रीय स्तर पर कत्सुयुकी मासुची।

वह मित्सुई सुमितोमो के साथ प्रशिक्षण लेती हैं, जो जापान में एक प्रसिद्ध क्लब है। उनके विकास का निरीक्षण हिसाशी यानागिसावा और कत्सुयुकी मासुची करते हैं, जो क्लब और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
2016 में, उन्हें यामानाशी स्पोर्ट्स एसोसिएशन प्रशस्ति पुरस्कार मिला। यह मान्यता जुडो में उनकी समर्पण और उपलब्धियों को उजागर करती है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य टोक्यो में 2020 ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। यह लक्ष्य उनके खेल के शिखर तक पहुँचने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अपने एथलेटिक करियर के अलावा, वे एक ऑफिस सेटिंग में भी काम करती हैं। वह जापानी भाषा में धाराप्रवाह बोलती हैं, अपनी पेशेवर और एथलेटिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से संतुलित करती हैं।
जुडो में उनकी यात्रा कई लोगों को प्रेरित करती रहती है, जो अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में समर्पण और कड़ी मेहनत के महत्व को प्रदर्शित करती है।