कुश्ती लंबे समय से ईरान में एक महत्वपूर्ण खेल रहा है, और एक एथलीट जिसने अपनी पहचान बनाई है, वह एक ऐसा व्यक्ति है जिसने 11 साल की उम्र में कुश्ती शुरू की थी। खेल में उसकी यात्रा उसके कोच, रसूल ख़ादेम, द्वारा निर्देशित की गई है, जो ईरान से भी हैं। ख़ादेम का प्रभाव उसके करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण रहा है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's 57kg | B कांस्य |
| 2012 | Men 55kg | Last 16 |
रसूल ख़ादेम, ईरानी कुश्ती में एक प्रमुख व्यक्ति, उसके कोच रहे हैं। ख़ादेम का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है, एथलीट उन्हें अपने करियर में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में बताते हैं। इस सलाह ने निस्संदेह उसके विकास और उपलब्धियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य रियो डी जनेरियो में 2016 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। यह लक्ष्य कुश्ती में सफलता के शिखर तक पहुँचने के लिए उनकी समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी यात्रा ईरान और उससे परे कई युवा एथलीटों को प्रेरित करती रहती है।
जैसे ही वह भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो रहा है, उसका ध्यान उत्कृष्टता प्राप्त करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश को गौरवान्वित करने पर बना हुआ है। उनकी कहानी कड़ी मेहनत, दृढ़ता और एक ऐसे संरक्षक होने के महत्व का प्रमाण है जो किसी की क्षमता में विश्वास करता है।