हिटोमी साकामोटो, जिन्हें हिटोमी साकामोटो के नाम से भी जाना जाता है, का कुश्ती में एक लंबा और सफल करियर रहा है। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में कुश्ती शुरू की और जापान में स्व-रक्षा बलों के खेल क्लब की सदस्य रही हैं। उनके कोच, केन्जी फुजिकावा, 2004 से उन्हें मार्गदर्शन कर रहे हैं।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Women 48kg | G स्वर्ण |
बीजिंग 2008 के ओलंपिक खेलों के लिए अपनी जगह गंवाने के बाद, साकामोटो ने फिर से संन्यास ले लिया और अपनी छोटी बहन मकिको को कोचिंग देना शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने 48 किलो वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए दूसरी बार वापसी की। 2010 में 51 किलो से 48 किलो वर्ग में बदलाव के कारण उन्हें पीठ में दर्द की समस्या हो गई।
साकामोटो की शादी यासुशी से हुई है और वह जापानी भाषा में धाराप्रवाह बोलती हैं। उन्होंने जापान के ओबू में चुक्यो महिला विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनकी छोटी बहन मकिको ने भी जापान के लिए कुश्ती की है।
अब, साकामोटो का लक्ष्य लंदन में 2012 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। खेल के प्रति उनकी समर्पण और कई बार वापसी उनके लचीलेपन और दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करती है।
साकामोटो का करियर महत्वपूर्ण चुनौतियों और वापसी से चिह्नित रहा है। 2012 के ओलंपिक खेलों पर अपनी नजरें गड़ाए हुए, वह जापानी कुश्ती में एक प्रमुख व्यक्ति बनी हुई हैं।