पावरलिफ्टिंग की दुनिया में, कुछ एथलीटों ने 2004 में इस खेल को अपनाने वाले अल्जीरियाई पावरलिफ्टर जितना महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाला है। राष्ट्रीय कोच मोहम्मद सलाह बेनाटा के मार्गदर्शन में, उन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनकी यात्रा समर्पण और दृढ़ता से चिह्नित की गई है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2020 | -65kg | B कांस्य |
| 2016 | -65kg | NoM |
टोक्यो में 2020 पैरालंपिक खेल एक महत्वपूर्ण मोड़ थे। वे इस खेल में पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले अल्जीरियाई पावरलिफ्टर बने। उन्होंने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। यह उपलब्धि उनके और अल्जीरिया दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर थी।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य 2024 में पेरिस में पैरालंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करना है। यह लक्ष्य खेल के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता और वैश्विक मंच पर अल्जीरिया का प्रतिनिधित्व करने की उनकी इच्छा को दर्शाता है।
2004 में पावरलिफ्टिंग शुरू करने से लेकर टोक्यो पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने तक की उनकी यात्रा उनके समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन करती है। 2024 में पेरिस में प्रतिस्पर्धा करने की योजना के साथ, वे पावरलिफ्टिंग के क्षेत्र में कई लोगों को प्रेरित करना जारी रखते हैं।