लगभग एक दशक तक भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पंक्ति की कमान संभालने वाले श्रीनाथ ने 'क्रिक इंफो डॉट कॉम' से बातचीत के दौरान कहा कि ईशांत जिस दौर से गुजर रहे हैं उससे हर एक तेज गेंदबाज गुजरता है और एक खिलाड़ी को इससे घबराना नहीं चाहिए क्योंकि इस दौरान उसे काफी कुछ सीखने को मिलता है।
बकौल श्रीनाथ, "ईशांत के लिए यह निश्चित तौर पर खराब दौर है लेकिन वह इससे जल्द ही उबर जाएंगे। इस मुश्किल घड़ी में उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा। यह दौर हर गेंदबाज के करियर में आता है। अच्छी बात यह है कि ईशांत के लिए यह दौर करियर की शुरुआत में ही आया है। वह काफी सुधार कर रहे हैं और आने वाले दिनों में इसका परिणाम सामने आएगा।"
अपने करियर के शुरूआती 20 एकदिवसीय मैचों में 31.48 के औसत से 27 विकेट झटकने वाले ईशांत ने 2009 में खेले गए 13 मैचों में 31.42 के औसत से 19 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 5.34 से बढ़कर 6.19 हो गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।