Hockey World Cup 2018: अपने इतिहास में पहली बार ये काम करने जा रहा है अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
नई दिल्ली। उड़ीसा के कलिंगा स्टेडियम में चल रहे हॉकी विश्व में भारत की टीम अपने पूल मैच में कनाडा को रौंदने के साथ ही विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। एक समय दुनिया को हॉकी सीखाने वाले देश भारत में पिछले कुछ समय से हॉकी की स्थिति में काफी सुधार आया है। वर्ल्ड कप ने देश में और भी हॉकी के लिए और भी बढ़िया माहौल बना दिया है।

1920 से अब पहली बार..
ऐसे ही माहौल में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ओर से एक बड़ी खबर आ रही है। इस यूनिवर्सिटी की लड़कियां पहली बार हॉकी खेलेंगी। एएमयू के 1920 से शुरू हुए इतिहास से अब तक ये पहली बार है जब यूनिवर्सिटी में गर्ल्स हॉकी टीम बनने जा रही है। इतना ही नहीं इस टीम में शामिल होने जा रही लड़किया में हॉकी के लिए जबरदस्त जुनून देखा जा सकता है। 13 वर्षीय नसीम जेहरा और आलिया हर समय अपने साथ हॉकी लेकर घूम रही हैं।

लड़कियों की जबरदस्त तैयारी
यूनिवर्सिटी इसी तरह से ही 10 जूनियर स्कूलों से लड़कियों के चयन की प्रक्रिया को अपना रही है। टीम चयन के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और साथ ही टीम की शामिल भावी हॉकी खिलाड़ी सुबह सुबह ही हॉकी स्टिक लेकर प्रैक्टिस कर रही हैं। इन लड़कियों के कोच अनीस उर रहमान हैं जो इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर रह चुके हैं।

दिग्गज खिलाड़ियों का गढ़ एएमयू
वैसे आपको बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने देश को कई चमकते हुए सितारे दिए हैं। भले ही एएमयू ने लड़कियों को हॉकी स्टिक अब जाकर थमाने का फैसला किया हो, लेकिन पुरूष हॉकी में 80 के दशक में हॉकी के कप्तान रहे जफर इकबाल भी एएमयू से ही थे। जफर के पिता एएमयू में ही रसायन विज्ञान के प्रोफेसर थे। जफर के अलावा मसूद मिन्हाज (लॉस एंजिलिस ओलंपिक 1932), अहसान मोहम्मद खान (बर्लिन ओलंपिक 1936), लेफ्टिनेंट ए शकूर, मदन लाल, लतीफ-उर रहमान, अख्तर हुसैन हयात, जोगेंद्र सिंह (रोम ओलंपिक 1960) और एसएम अली सैयद (टोक्यो ओलंपिक 1964) कई नाम हॉकी प्लेयर्स एएमयू ने दिए हैं।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


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