नई दिल्ली। हॉकी खिलाड़ी रंजीता देवी द्वारा कोच एमके कौशिक पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को हॉकी इंडिया ने गंभीर बताते हुए मामले की जांच पुलिस को सौंप दी है। साथ ही कौशिक को पद से हटा भी दिया गया।
इंडिया ने शनिवार को सरकार से कहा कि उसे भविष्य में महिला हॉकी कोच एमके कौशिक की सेवाओं की जरूरत नहीं होगी। हॉकी इंडिया ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए आंतरिक जांच रिपोर्ट की कॉपी दिल्ली पुलिस को सौंप दी।हॉकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा ने कहा कि रंजिता देवी द्वारा कौशिक के खिलाफ यौन उत्पीड़न की लिखित में दी गई शिकायत के कारण यह 'बड़ा मामला' बन गया है।
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बत्रा ने कहा कि उन्होंने आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट सौंप दी है। इसकी कॉपी भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), खेल मंत्रालय एवं दिल्ली के पुलिस आयुक्त को दी गई है। बत्रा ने कहा कि उन्हें कौशिक तथा वीडियोग्राफर बासवराज की सेवा लेने की जरूरत नहीं है। मीडिया में वेश्या के साथ तस्वीर दिखाए जाने के बाद बासवराज को निलंबित कर दिया गया है।
उधर, महिला हॉकी टीम की पूर्व सहायक कोच अनुरीता सैनी ने कहा कि वह चाहती हैं कि जिन खिलाड़ियों ने कोच एम.के. कौशिक के साथ उनके प्रेम संबंधों का आरोप लगाया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। मुख्य कोच कौशिक की वर्ष 2006 तक सहायक कोच रह चुकीं सैनी ने कहा कि यौन उत्पीड़न विवाद में उनका नाम आने के बाद से वह और उनका परिवार विचलित है।
सैनी ने एनडीटीवी को बताया, "यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत ही लज्जाजनक है। मैंने अपने वकील से संपर्क किया है और मैं उन लोगों पर मानहानि का मुकदमा दायर करने जा रही हूं, जिन्होंने इस विवाद में मेरा नाम लिया है।"
उल्लेखनीय है कि पूर्व कप्तान एवं गोलकीपर हेलेन मेरी सहित कुछ खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि सैनी के कौशिक के साथ प्रेम संबंध थे।