मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में पहला मैच दो एशियाई दिग्गजों के बीच है. एक ओर आठ बार का ओलंपिक चैंपियन और मेज़बान भारत होगा और दूसरी ओर पड़ोसी देश पाकिस्तान. इस आयोजन को सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौती माना जा रहा है.
भारत में पहली बार विश्वकप मुंबई में 1982 में आयोजित किया गया था. इस टूर्नामेंट में भारत को पूल बी में रखा गया है जिसमें पाकिस्तान, दक्षिण अफ़्रीका, स्पेन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें भी हैं.
पूल ए में अर्जेटीना, कनाडा, जर्मनी, कोरिया, हालैंड और न्यूजीलैंड हैं. उद्घाटन मैच में विश्व कप 2006 की कांस्य पदक विजेता स्पेन का सामना विश्व रैंकिंग में 13वें स्थान प्राप्त दक्षिण अफ्रीका से होगा जबकि दूसरे मैच में ख़िताब की प्रबल दावेदार दुनिया की नंबर दो टीम ऑस्ट्रेलिया की टक्कर इंग्लैंड से होगी.
भारत और पाकिस्तान के बीच मैच तीसरे नंबर पर होगा. भारत और पाकिस्तान की हॉकी टीमों का कभी दुनिया लोहा मानती थी लेकिन इन दिनों दोनों ही अपने वजूद की तलाश में हैं.
भारत की हॉकी टीम के खिलाडी़ अपने कप्तान सहित कुछ दिनों पहले तक अपने बकाया राशि को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि भारतीय टीम के कप्तान राजपाल सिंह इसे बीती हुई बात मानते हैं. वे कहते हैं, "ये छोटे लोगों की टीम नहीं है, ये परिपक्व लोगों की टीम है, उम्मीद है कि सभी लोग विवाद से निकलकर प्रदर्शन कर सकेंगे."
मेज़बान होने के नाते भारत की टीम से देश के लोगों को भी बहुत उम्मीदें हैं लेकिन टीम के सेंटर फॉर्वर्ड अर्जुन हलप्पा कहते हैं कि पहला मैच जीतना ही सबसे ज़रुरी है. उन्होंने कहा, "पहला मैच जीतना ज़रुरी है, हम मेज़बान हैं इसलिए दर्शकों का समर्थन भी रहेगा और हमारा मनोबल भी बढ़ेगा."
जबकि मुख्य कोच जोस ब्रासा ने सेमीफाइनल तक प्रवेश का प्रारंभिक लक्ष्य तय कर रखा है. उधर पाकिस्तान के कप्तान जीशान अशरफ़ का कहना है कि भारत से हार उन्हें किसी कीमत पर मंजूर नहीं.