इंग्लैंड को हरा हालैंड ने जीता कांस्य पदक
नई दिल्ली। यूरोपीयन पावरहाउस हॉलैंड ने शनिवार को तीसरे और चौथे स्थान के प्ले-आफ मुकाबले में मौजूदा यूरोपीयन चैम्पियन इंग्लैंड को 4-3 से हराकर हीरो होंडा एफआईएच विश्व कप में कांस्य पदक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इंग्लैंड को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। वैसे इंग्लैंड के लिए यह संतोष की बात यह रही कि 2006 में वह पांचवें स्थान पर था। हालैंड की टीम 2006 में सातवें स्थान पर थी। इस तरह उसने चार स्थान की छलांग के साथ पोडियम फिनिश किया।
मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेले गए मैच का पहला गोल हॉलैंड के खिलाड़ी तेउन डी नुइजर ने 22वें मिनट में किया। नुइजर ने अपने साथी राबर्ट वान डेर होर्स्ट की मदद से यह फील्ड गोल करके अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके एक मिनट बाद ही इंग्लैंड ने शानदार पलटवार किया। गोल करने के बाद सुस्ताती दिख रही हॉलैंड की रक्षापंक्ति को बेधते हुए एलास्टेयर ब्रोगडॉन ने एक शानदार फील्ड गोल किया और अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
पहला गोल खाने के बाद भी मानों हॉलैंड की रक्षापंक्ति नींद से नहीं जागी। नतीजा हुआ कि ब्रोगडॉन द्वारा किए गए पहले गोल के माध्यम से बराबरी हासिल करने वाली इंग्लैंड की टीम ने 30वें मिनट में एश्ले जैक्सन के गोल की मदद से 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। जैक्सन ने यह गोल पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इस मैच का अपना पहला गोल ठोंकने के बाद जैक्सन की भूख मानो बढ़ गई। उन्होंने 34वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर अपनी टीम को एक और सफलता दिलाई। इस गोल की मदद से इंग्लैंड ने 3-1 की बढ़त बना ली।
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इसी बढ़त के साथ इंग्लैंड की टीम मध्यांतर के लिए आराम के लिए गई। दो गोल से पिछड़ने के बाद हॉलैंड के खेमे में निराशा थी लेकिन इस यूरोपीयन पावरहाउस के पास कुछ ऐसे खिलाड़ी थे, जो उसे इस निराशा से उबार सकते थे। मध्यांतर के बाद हॉलैंड को अगला गोल करने के लिए अगले 14 मिनटों तक इंतजार करना पड़ा। 48वें मिनट में ताएकी ताएकेमा ने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम के लिए दूसरा और इस विश्व कप में अपने हिस्से का आठवां गोल किया।
इस तरह वह इस विश्व कप में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। आस्ट्रेलिया के ल्यूक डोरनर के नाम सात गोल हैं। वैसे डोरनर आज खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले में इस रिकार्ड को तोड़ सकते हैं। ताएकेमा के इस गोल के बाद हालैंड की टीम का मनोबल फिर लौट आया था। उसने जोरदार हमला करते हुए 56वें मिनट में एक और गोल किया और इंग्लैंड के बराबरी पर पहुंच गया।
इस गोल ने हॉलैंड की टीम में फिर से जान फूंक दी। उसने लगातार हमले जारी रखे। इसी का नतीजा था कि 67वें मिनट में रोजर हॉफमैन ने एक बेहतरीन फील्ड गोल करके अपनी टीम को 4-3 से आगे कर दिया। इसके बाद हॉलैंड की टीम ने इंग्लैंड को कोई और गोल करने का मौका नहीं दिया।
मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेले गए मैच का पहला गोल हॉलैंड के खिलाड़ी तेउन डी नुइजर ने 22वें मिनट में किया। नुइजर ने अपने साथी राबर्ट वान डेर होर्स्ट की मदद से यह फील्ड गोल करके अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके एक मिनट बाद ही इंग्लैंड ने शानदार पलटवार किया। गोल करने के बाद सुस्ताती दिख रही हॉलैंड की रक्षापंक्ति को बेधते हुए एलास्टेयर ब्रोगडॉन ने एक शानदार फील्ड गोल किया और अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
पहला गोल खाने के बाद भी मानों हॉलैंड की रक्षापंक्ति नींद से नहीं जागी। नतीजा हुआ कि ब्रोगडॉन द्वारा किए गए पहले गोल के माध्यम से बराबरी हासिल करने वाली इंग्लैंड की टीम ने 30वें मिनट में एश्ले जैक्सन के गोल की मदद से 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। जैक्सन ने यह गोल पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इस मैच का अपना पहला गोल ठोंकने के बाद जैक्सन की भूख मानो बढ़ गई। उन्होंने 34वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर अपनी टीम को एक और सफलता दिलाई। इस गोल की मदद से इंग्लैंड ने 3-1 की बढ़त बना ली।
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इसी बढ़त के साथ इंग्लैंड की टीम मध्यांतर के लिए आराम के लिए गई। दो गोल से पिछड़ने के बाद हॉलैंड के खेमे में निराशा थी लेकिन इस यूरोपीयन पावरहाउस के पास कुछ ऐसे खिलाड़ी थे, जो उसे इस निराशा से उबार सकते थे। मध्यांतर के बाद हॉलैंड को अगला गोल करने के लिए अगले 14 मिनटों तक इंतजार करना पड़ा। 48वें मिनट में ताएकी ताएकेमा ने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम के लिए दूसरा और इस विश्व कप में अपने हिस्से का आठवां गोल किया।
इस तरह वह इस विश्व कप में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। आस्ट्रेलिया के ल्यूक डोरनर के नाम सात गोल हैं। वैसे डोरनर आज खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले में इस रिकार्ड को तोड़ सकते हैं। ताएकेमा के इस गोल के बाद हालैंड की टीम का मनोबल फिर लौट आया था। उसने जोरदार हमला करते हुए 56वें मिनट में एक और गोल किया और इंग्लैंड के बराबरी पर पहुंच गया।
इस गोल ने हॉलैंड की टीम में फिर से जान फूंक दी। उसने लगातार हमले जारी रखे। इसी का नतीजा था कि 67वें मिनट में रोजर हॉफमैन ने एक बेहतरीन फील्ड गोल करके अपनी टीम को 4-3 से आगे कर दिया। इसके बाद हॉलैंड की टीम ने इंग्लैंड को कोई और गोल करने का मौका नहीं दिया।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:16 [IST]
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