हॉटन का सिर ऊंचा रखकर खुश हूं : सुब्रत पॉल
नई दिल्ली, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। नेहरू कप फुटबाल टूर्नामेंट के फाइनल में सीरिया के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट के दौरान तीन गोल बचाकर भारत को लगातार दूसरी बार खिताबी जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा है कि वह अपने कोच बॉब हॉटन का सिर ऊंचा रखकर अपार खुशी महसूस कर रहे हैं।
सुब्रत वही खिलाड़ी हैं जिनसे टकराने के कारण पांच साल पहले कंनफेडरेशन कप मैच के दौरान ब्राजीली खिलाड़ी क्रिस्टियानो जूनियर की मैदान में ही मौत हो गई थी।
ईश्वर की सत्ता और भाग्य के खेल पर यकीन करने वाले सुब्रत ने उस ह्दय विदारक घटना के अलावा भी अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।
कोलकाता की दो प्रमुख टीमों-मोहन बागान और ईस्ट बंगाल द्वारा नकारे जाने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच हॉटन ने उनके अंदर की प्रतिभा को पहचाना था। हॉटन ने कहा था कि सुब्रत में भारत का अंतर्राष्ट्रीय गोलकीपर बनने की सभी गुण हैं।
23 साल के सुब्रत कहते हैं, "बागान और ईस्ट बंगाल से मुझे कोई शिकायत नहीं। आज मेरे पास साबित करने के लिए कुछ नहीं। मैं हमेशा मानता था कि हम सीरिया को हरा सकते हैं। व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए यह बड़ी सफलता है क्योंकि मैं बॉब 'सर' का सिर ऊंचा रखने में कामयाब रहा। वह मुझ पर बहुत भरोसा करते हैं और मुझे खुशी है कि मैं अपनी टीम की जीत में योगदान दे सका।"
सुब्रत बताते हैं कि क्रिस्टियानो की मौत के बाद भारतीय टीम के पूर्व गोलकीपर और उनके कोच देवाशीष मुखर्जी ने उनके व्यवहार में परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
सुब्रत कहते हैं, "अगर देवाशीष दा नहीं होते तो मैं अंबेडकर स्टेडियम में भारत के लिए नहीं खेल रहा होता। मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।"
भारतीय टीम के कप्तान बाइचुंग भूटिया और कोच हॉटन ने पुणे एफसी से खेलने वाले इस युवा गोलकीपर की जमकर तारीफ की।
भूटिया ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि आज की तारीख में सुब्रत देश के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर हैं। मैं हमेशा से यही मानता आया हूं। वह शानदार फार्म में हैं और इसी का फायदा हमें मिला।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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