महिला हॉकी टीम से सौतेला व्यवहार
नई दिल्ली। फिल्म 'चक दे इंडिया' में बिलकुल सही दिखाया गया था कि हॉकी से जुड़े अधिकारी महिला हॉकी टीम से हमेशा दूरी बनाये रखना चाहते हैं। उन्हें महिला टीम में दम-खम नहीं दिखाई देता, चाहे टीम विश्व पटल पर कितना ही बेहतरीन प्रदर्शन न करे। ऐसा ही कुछ भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ वास्तविक में हुआ, जब टीम रूस से चैंपियंस चैलेंज-2 का खिताब जीतकर स्वदेश लौटी तो एक भी अधिकारी उनके स्वागत के लिए नहीं पहुंचा।
देश में खेल के लिए भी अजब प्रेम है। यदि कोई क्रिकेट टीम छोटी सी कोई सीरीज भी जीतकर स्वदेश लौटती है, तो उनके स्वागत के लिए लोगों का तांता लग जाता है, लेकिन हॉकी के लिए...। महिला हॉकी टीम जब मंगलवार को रूस से चैंपियंस चैलेंज-2 टूर्नामेंट जीतकर लौटी तो उसके स्वागत के लिए हॉकी अधिकारी भी नहीं पहुंचे।
टीम के कोच, खिलाड़ी निराश
इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर अपने फीके स्वागत से निराश भारतीय टीम के कोच एमके कौशिक ने कहा कि वह कम से कम हॉकी अधिकारियों के यहां मौजूद रहने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्होंने इसकी जरूरत नहीं समझी।
कौशिक ने बताया, "हम मंगलवार सुबह ही दिल्ली पहुंच गए थे। हमें आशा थी कि हॉकी अधिकारी हमारे स्वागत के लिए जरूर आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैं शिकायत नहीं कर रहा हूं। मुझे इस बात का दुख है कि अगर कोई अधिकारी हाथ में गुलदस्ता लिए इन लड़कियों (खिलाड़ियों) से हंसकर मिल लेता तो इनका मनोबल बना रहता।"
हॉकी इंडिया का तर्क
इसकी सफाई में हॉकी इंडिया के महासचिव मोहम्मद असलम ने कहा कि चूंकि यह पहले से तय था कि खिलाड़ी हवाई अड्डे से ही अपने-अपने घर रवाना हो जाएंगी, लिहाजा उनके स्वागत का कार्यक्रम नहीं रखा गया।
असलम ने कहा, "खिलाड़ी एक महीने से भी अधिक समय से अपने घर नहीं गई थीं। यह फैसला हुआ था कि दिल्ली पहुंचने के साथ ही सभी खिलाड़ी अपने-अपने घरों को रवाना हो जाएंगी। इसके लिए हमने सारी व्यवस्था कर ली थी। यही कारण है कि हम बाद में उनके स्वागत में एक कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
देश में खेल के लिए भी अजब प्रेम है। यदि कोई क्रिकेट टीम छोटी सी कोई सीरीज भी जीतकर स्वदेश लौटती है, तो उनके स्वागत के लिए लोगों का तांता लग जाता है, लेकिन हॉकी के लिए...। महिला हॉकी टीम जब मंगलवार को रूस से चैंपियंस चैलेंज-2 टूर्नामेंट जीतकर लौटी तो उसके स्वागत के लिए हॉकी अधिकारी भी नहीं पहुंचे।
टीम के कोच, खिलाड़ी निराश
इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर अपने फीके स्वागत से निराश भारतीय टीम के कोच एमके कौशिक ने कहा कि वह कम से कम हॉकी अधिकारियों के यहां मौजूद रहने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्होंने इसकी जरूरत नहीं समझी।
कौशिक ने बताया, "हम मंगलवार सुबह ही दिल्ली पहुंच गए थे। हमें आशा थी कि हॉकी अधिकारी हमारे स्वागत के लिए जरूर आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैं शिकायत नहीं कर रहा हूं। मुझे इस बात का दुख है कि अगर कोई अधिकारी हाथ में गुलदस्ता लिए इन लड़कियों (खिलाड़ियों) से हंसकर मिल लेता तो इनका मनोबल बना रहता।"
हॉकी इंडिया का तर्क
इसकी सफाई में हॉकी इंडिया के महासचिव मोहम्मद असलम ने कहा कि चूंकि यह पहले से तय था कि खिलाड़ी हवाई अड्डे से ही अपने-अपने घर रवाना हो जाएंगी, लिहाजा उनके स्वागत का कार्यक्रम नहीं रखा गया।
असलम ने कहा, "खिलाड़ी एक महीने से भी अधिक समय से अपने घर नहीं गई थीं। यह फैसला हुआ था कि दिल्ली पहुंचने के साथ ही सभी खिलाड़ी अपने-अपने घरों को रवाना हो जाएंगी। इसके लिए हमने सारी व्यवस्था कर ली थी। यही कारण है कि हम बाद में उनके स्वागत में एक कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:16 [IST]
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