नई दिल्ली। पाकिस्तान के इस दिग्गज खिलाड़ी को भारत सरकार से मदद मांगनी पड़ी है। दरअसल पाकिस्तान की वर्ल्ड कप विजेता हॉकी टीम के गोलकीपर मंसूर अहमद इन दिनों दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने सोमवार को हार्ट ट्रांसप्लांट कराने के लिए भारत सरकार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से वीजा देने की अपील की।
मंसूर ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए भारत सरकार से भावुक अपील की है। अपील करते हुए उन्होंने कहा कि "भारत के खिलाफ हॉकी मैचों में कई बार उन्होंने भारतीयों के दिल तोड़े हैं और कई बार भारतीय टीम से जीत छीन कर अपने देश पाकिस्तान को विजेता बनाया है लेकिन वह खेल का हिस्सा था। लेकिन आज मुझे अपने दिल की सर्जरी के लिए भारत सरकार की मदद चाहिए।"
49 वर्षीय मंसूर दिल में लगाए गए पेसमेकर और स्टेंट से होने वाली जटिलताओं से पिछले कई हफ्तों से परेशान हैं। वह 1994 में सिडनी में खेले गए हॉकी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की जीत में हीरो बनकर उभरे थे। मंसूर ने अपनी भावुक अपील में कहा कि मैंने 1989 के इंदिरा गांधी कप समेत अन्य कई मुकाबलों में भारत को हराकर कई भारतीयों का दिल तोड़ा, लेकिन यह खेल का मैदान था। उन्होंने कहा कि मानवता सर्वोपरि है और अगर उन्हें वीजा और अन्य मदद भारत में मिलती है तो वह जिंदगी भर अहसानमंद रहेंगे।
49 वर्षीय अहमद ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, 'करीब चार-पांच साल पहले मेरे दिल की सर्जरी हुई थी। लेकिन समस्या बनी रही। पिछले महीने मेरी हालत और खराब हो गयी और अब डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट ट्रांसप्लांट ही एकमात्र रास्ता है।' कराची के जिन्ना पोस्टग्रैजुएट मेडिकल सेंटर में डॉक्टर चौधरी परवेज उनका इलाज कर रहे हैं। अहमद का केस अमेरिका के कैलिफॉर्निया और भारतीय अस्पतालों को रेफर किया गया है।
बता दें कि 2008 के मुंबई हमले के बाद से भारत-पाक के संबंधों में काफी तनाव आ गया है। बावजूद इसके भारत सरकार ने पूर्व में कई पाकिस्तानी नागरिकों को इलाज के लिए मेडिकल वीजा जारी किया है। हालांकि मंसूर के मामले में अभी तक भारत सरकार की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया है।