नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने भले ही हॉकी इंडिया को भंग कर दिया हो, लेकिन आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए होने वाले हॉकी टीम का चयन हॉकी इंडिया ही करेगा वो भी इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के साथ मिलकर। जी हां सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में हॉकी टीम के गठन के निर्देश देते हुए इन दोनों संगठनों को इसकी जिम्मेदारी दी है। ये दोनों महिला एवं पुरुष दोनों टीमों का गठन करेंगे।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों तमाम विवादों के चलते केंद्र सरकार ने हॉकी इंडिया को भंग कर दिया था। खास बात यह है कि संगठन को चुनाव के ठीक एक दिन बाद भंग कर दिया गया था, जिस पर हॉकी इंडिया के पदाधिकारी कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट के न्यायामूर्ति आरवी रवींद्रम और न्यायमूर्ति एचएल गोखले की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और हॉकी इंडिया की दलीलें सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश दिया।
हॉकी इंडिया का पक्ष मजबूत
खंडपीठ ने कहा कि वह अंतरिम उपाय के तहत आईओए और हॉकी इंडिया को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हॉकी टीमों के चयन की अनुमति दे रहा है। असल में हॉकी इंडिया का पक्ष तब और मजबूत हो गया, जब कोर्ट में आईओए ने कहा कि वो इस संगठन को राष्ट्रीय महासंघ के रूप में मान्यता देता है। जबकि फेडरेशन ऑफ इंडियन हॉकी उससे संबद्ध नहीं है।
गौरतलब है कि हॉकी इंडिया और एफआईएच के विवाद के चलते टीम की चयन प्रक्रिया रुक गई थी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अग्रिम आदेश देकर खिलाडि़यों के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के द्वार खोल दिए हैं, ताकि वे देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।