हॉकी संघ के महासचिव का भ्रष्टाचार से इंकार
चेन्नई, 23 अप्रैलः भारतीय हॉकी संघ (आईएचएफ) के महासचिव कंडास्वामी ज्योतिकुमारन नेउनपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से इंकार किया है । एक टीवी चैनल ने उन्हें एक स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत लेते हुए दिखाया था। ज्योतिकुमारन ने कहा कि आईएचएफ के महासचिव के तौर पर वह कभी किसी भ्रष्ट कार्य में लिप्त नहीं रहे।
गौरतलब है किएक स्टिंग आपरेशन में उन्हें एक खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम में भर्ती कराने हेतु पांच लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में लिप्त दिखाया गया था। इस पर उनका कहना है, "यह राशि भारत में एक बड़ी प्रतियोगिता कराने के शुरुआती खर्च के तौर पर थी। मैं इस विषय पर आईएचएफ अध्यक्ष के.पी.एस. गिल से बात करूंगा।"
आईएचएफ की कार्यकारी समिति के एक वरिष्ठ सदस्य नेबताया कि यह केवल एक छोटी सी मिसाल है। भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। प्रतियोगिता के शुरुआती खर्च के तौर पर पैसा लिए जाने के ज्योतिकुमारन के दावे पर उन्होंने कहा, "वह ऐसा दावा कर भी कैसे सकते हैं ? कार्यकारी समिति द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने से पहले प्रतियोगिता के लिए धन नहीं लिया जा सकता है।"
उन्होंने कहा, "ऐसी किसी प्रतियोगिता का प्रस्ताव नहीं था और यदि ज्योतिकुमारन सच कह भी रहे हैं, तो भी वह आईएचएफ के संविधान के विरुद्ध बात कर रहे हैं।" उनके अनुसार संघ को आमूल परिवर्तन की जरूरत है। यह ताजे चुनाव द्वारा ही संभव होगा।
वरिष्ठ सदस्य ने कहा, "आईएचएफ को ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जिन्हें जमीनी हालात की जानकारी हो। ज्योतिकुमारन के इस्तीफे के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि हालात बदलेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
गौरतलब है किएक स्टिंग आपरेशन में उन्हें एक खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम में भर्ती कराने हेतु पांच लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में लिप्त दिखाया गया था। इस पर उनका कहना है, "यह राशि भारत में एक बड़ी प्रतियोगिता कराने के शुरुआती खर्च के तौर पर थी। मैं इस विषय पर आईएचएफ अध्यक्ष के.पी.एस. गिल से बात करूंगा।"
आईएचएफ की कार्यकारी समिति के एक वरिष्ठ सदस्य नेबताया कि यह केवल एक छोटी सी मिसाल है। भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। प्रतियोगिता के शुरुआती खर्च के तौर पर पैसा लिए जाने के ज्योतिकुमारन के दावे पर उन्होंने कहा, "वह ऐसा दावा कर भी कैसे सकते हैं ? कार्यकारी समिति द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने से पहले प्रतियोगिता के लिए धन नहीं लिया जा सकता है।"
उन्होंने कहा, "ऐसी किसी प्रतियोगिता का प्रस्ताव नहीं था और यदि ज्योतिकुमारन सच कह भी रहे हैं, तो भी वह आईएचएफ के संविधान के विरुद्ध बात कर रहे हैं।" उनके अनुसार संघ को आमूल परिवर्तन की जरूरत है। यह ताजे चुनाव द्वारा ही संभव होगा।
वरिष्ठ सदस्य ने कहा, "आईएचएफ को ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जिन्हें जमीनी हालात की जानकारी हो। ज्योतिकुमारन के इस्तीफे के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि हालात बदलेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:16 [IST]
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