सरदार सिंह से पहले संतनगर गांव के दीदार सिंह व हरपाल सिंह भी ओलंपिक टीम में है अब सरदार सिंह का नाम साथ जुडऩे के साथ संतनगर के तीन ओलंपिक हो गए है। ग्रामीण गर्व से यह कहते फूले नहीं समा रहे है कि उनके छोटे से गांव का होनहार खिलाड़ी ओलंपिक में भारतीय हाकी टीम की उपकप्तानी कर रहा है। शुक्रवार को सरदार सिंह के घर में पिता गुरनाम सिंह, माता जसबीर कौर, बहन मनप्रीत कौर, भाई दीदार सिंह, भाभी सर्वजीत कौर को बधाईयां देने का सिलसिला जारी रखा। सरदार सिंह ने हाल में ही मलेशिया मे सुलतान अजलान शाह कप में तीन मैचों में से दो मैचों में मैन आफ दी मैच व एक में बेस्ट प्लेयर का खिताब भी हासिल किया।
सरदार के पिता गुरनाम सिंह व माता जसबीर कौर ने बताया कि उनके लिए यह गर्व की बात है उनका बेटा देश की टीम की उपकप्तानी करेगा। उन्होंने कहा कि यह बस नामधारी समुदाय के सतगुरु जगजीत सिंह के आर्शीवाद व नामधारी सीडस के एमडी ठाकुर उदय सिंह के योगदान के कारण ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि वे उनके लिए भी दुआ करेंगे कि वे ओलंपिक में भी बेहतर प्रदर्शन कर बुंलदियों को प्राप्त करें। हॉकी के अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी व सरदार सिंह के बड़े भाई दीदार सिंह ने कहा कि जो सपने उन्होंने एवं उनके परिवार ने देखा था वह आज पूरा हो गया है। उनका छोटा भाई भारतीय हाकी टीम की उपकप्तानी करेंगा और देश के लिए खेलेगा उन्होंने कहा कि पूरे देश की दुआएं सरदार के साथ है।
ओलंपिक में मिड फिल्डर पोजीशन पर खेलेंगे सरदारा
वहीं सरदार सिंह के कोच रहे बलदेव सिंह व गुरमेज सिंह ने बताया कि फुल बैक से लेकर मिड फिलडर पोजिशन पर खेलने प्रतिभा के धनी यह खिलाड़ी ओलंनिक में मिड फिल्डर की पोजीशन पर खेलेंगे। उन्होंने बताया कि आम तौर पर मैचों में खिलाडिय़ों द्वारा सही प्रदर्शन न करने, गाली गालौज करने, दूसरे खिलाडिय़ों को हॉकी मारने, चिटींग करने पर पेनेल्टी कार्ड मिलते रहते है जिसमें रेड कार्ड में खिलाड़ी को मैच से बाहर करने, ग्रीन कार्ड पर वार्निग देने और येलो कार्ड पर 5 से लेकर 10 दिन मिनट तक टीम से बाहर करने का प्रावधान है लेकिन सरदार के खेल कैरियर में उन्होंने आज तक कोई कार्ड नहीं मिला है जिससे साफ पता लगता है कि सरदार सिर्फ खेल की तरफ ध्यान देते है और ऐसे होनहार खिलाड़ी की उपलब्धियां देखते हुए ओलंपिक में जाना तय था इसलिए वे सभी मिलकर प्रार्थना करेंगे कि भारतीय टीम विजयी होकर वापिस लौटे।
गोल्ड मेडल जीत कर ही वापिस लौटेंगे
पुणे में ओलंपिक की तैयारी कर सरदार सिंह ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि वे ओलंपिक की तैयारी में जुटे हुए है वे टेस्ट मैचों के लिए 25 जून को यूरोप में फ्रांस व स्पेन में प्रशिक्षण के लिए रवाना होगें। उन्होंने कहा कि पूरे देश की दुआएं उनके साथ है और वर्ष 1928 से लेकर 1964 तक भारत ने ओलंपिक में आठ गोल्ड मैडल प्राप्त किए है लेकिन बाद में खिलाडिय़ों में हॉकी के प्रति रुचि कम होने के कारण सही प्रदर्शन नहीं कर सके है। लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि वे इस बार गोल्ड मैडल लेकर ही वापिस लौटेंगे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में भारतीय हाकी टीम के उपकप्तानी को लेकर बेहद रोमांचित है। वे लंदन में अपने अभियान की शुरुआत 30 जुलाई को हॉलैंड के खिलाफ मैच से करेगें।
सरदारा सिंह के पिता गुरनाम सिंह का मुंह मीठा करवाते सरदार के हॉकी कोच बलदेव सिंह, साथ में सरदार की माता जसबीर कौर व बड़े भाई दीदार सिंह।