राष्ट्रमंडल खेलः फेनेल चिंतित, शीला बेफिक्र
नई दिल्ली। अक्टूबर 2010 में दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर भारत की तैयारियों पर राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के अध्यक्ष माइकल फेनेल ने चिंता जताई है। वहीं इस मामले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी बेफिक्र हैं। दोनों का कहना है कि तैयारियां जारी हैं और राष्ट्रमंडल खेल बहुत ही सफल होंगे।
शीला दीक्षित ने सोमवार को कहा राष्ट्रमंडल खेलों की चल रही तैयारियों से वह संतुष्ट हैं। शीला ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, "राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से हम संतुष्ट हैं। हम मेहमानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देंगे। यदि किसी परियोजना में विलंब भी हुआ तो उसके लिए हम अपने सारे विकल्प खुले रखेंगे।"
शीला का भरोसा
उन्होंने कहा, "खेलों का आयोजन हमारे लिए गौरव और देश के लिए सम्मान की बात है। सभी संबंधित अधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि निर्धारित समय पर काम पूरा हो जाएगा।"
उन्होंने कहा कि उन्हें उस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है जिसमें राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के अध्यक्ष माइकल फेनेल द्वारा कथित तौर पर राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर भारत की तैयारियों को लेकर चिंता जाहिर की गई है। कलमाडी ने भी पत्रकारों से चर्चा में कहा, "हम बहुत ही सफल आयोजन करेंगे। मैं चाहूंगा कि फेनेल की मैं अगले महीने प्रधानमंत्री से मुलाकात करा दूं।"
सुरक्षा अधिकारियों की बैठक
उन्होंने कहा, "जहां-जहां खेल होने हैं वे सभी स्थान निर्धारित समय पर तैयार हो जाएंगे। जहां तक सुरक्षा की बात है तो गृह सचिव ने फेनेल को इससे अवगत करा दिया है। खेलों में भाग लेने वाले देशों के सुरक्षा अधिकारियों की जल्द ही एक बैठक होगी।"
उल्लेखनीय है कि फेनेल ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की चार महीने पुरानी रिपोर्ट को आधार मानकर 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर भारत की तैयारियों को लेकर चिंता जाहिर की है।
इस रिपोर्ट को देखकर फेनेल इतने चिंतित हो गए कि उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) अध्यक्ष सुरेश कलमाडी को पत्र लिखकर उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री से कराने की बात कही है। फेनेल ने कहा है कि अब इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हस्तक्षेप करना होगा क्योंकि तैयारियों में देरी के कारण राष्ट्रमंडल खेलों की साख खतरे में है।
फेनेल के सामने अधूरी रिपोर्ट
राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीएजी रिपोर्ट में पिछले साल की तैयारियों का ब्योरा है लेकिन पिछले कुछ महीनों में आयोजन स्थलों पर हुए निर्माण कार्य का उसमें कोई जिक्र नहीं है। दुर्भाग्यवश फेनेल के सामने यही रिपोर्ट पेश कर दी गई और यही कारण है कि वह इस 'पुरानी' रिपोर्ट को देखकर चिंतित हो गए हैं।
फेनेल को लगा कि अगले साल अक्टूबर में नई दिल्ली में होने वाले इन खेलों का आयोजन ठीक तरह से नहीं हो पाएगा क्योंकि इसके लिए जरूरी तैयारी काफी धीमी गति से चल रही है। इसी के बाद उन्होंने कलमाडी को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से मुलाकात कराने की इच्छा जाहिर की।
अधिकारी ने बताया कि कलमाडी जल्द ही खेल मंत्री एम.एस. गिल से मिलेंगे और उन्हें तैयारियों के बारे में ताजातरीन तथा विस्तृत जानकारी मुहैया कराएंगे। ऐसी आशा की जा रही है कि गिल भारत सरकार की ओर से फेनेल को इस संबंध में अवगत कराएंगे।
शीला दीक्षित ने सोमवार को कहा राष्ट्रमंडल खेलों की चल रही तैयारियों से वह संतुष्ट हैं। शीला ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, "राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से हम संतुष्ट हैं। हम मेहमानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देंगे। यदि किसी परियोजना में विलंब भी हुआ तो उसके लिए हम अपने सारे विकल्प खुले रखेंगे।"
शीला का भरोसा
उन्होंने कहा, "खेलों का आयोजन हमारे लिए गौरव और देश के लिए सम्मान की बात है। सभी संबंधित अधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि निर्धारित समय पर काम पूरा हो जाएगा।"
उन्होंने कहा कि उन्हें उस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है जिसमें राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के अध्यक्ष माइकल फेनेल द्वारा कथित तौर पर राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर भारत की तैयारियों को लेकर चिंता जाहिर की गई है। कलमाडी ने भी पत्रकारों से चर्चा में कहा, "हम बहुत ही सफल आयोजन करेंगे। मैं चाहूंगा कि फेनेल की मैं अगले महीने प्रधानमंत्री से मुलाकात करा दूं।"
सुरक्षा अधिकारियों की बैठक
उन्होंने कहा, "जहां-जहां खेल होने हैं वे सभी स्थान निर्धारित समय पर तैयार हो जाएंगे। जहां तक सुरक्षा की बात है तो गृह सचिव ने फेनेल को इससे अवगत करा दिया है। खेलों में भाग लेने वाले देशों के सुरक्षा अधिकारियों की जल्द ही एक बैठक होगी।"
उल्लेखनीय है कि फेनेल ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की चार महीने पुरानी रिपोर्ट को आधार मानकर 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर भारत की तैयारियों को लेकर चिंता जाहिर की है।
इस रिपोर्ट को देखकर फेनेल इतने चिंतित हो गए कि उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) अध्यक्ष सुरेश कलमाडी को पत्र लिखकर उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री से कराने की बात कही है। फेनेल ने कहा है कि अब इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हस्तक्षेप करना होगा क्योंकि तैयारियों में देरी के कारण राष्ट्रमंडल खेलों की साख खतरे में है।
फेनेल के सामने अधूरी रिपोर्ट
राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीएजी रिपोर्ट में पिछले साल की तैयारियों का ब्योरा है लेकिन पिछले कुछ महीनों में आयोजन स्थलों पर हुए निर्माण कार्य का उसमें कोई जिक्र नहीं है। दुर्भाग्यवश फेनेल के सामने यही रिपोर्ट पेश कर दी गई और यही कारण है कि वह इस 'पुरानी' रिपोर्ट को देखकर चिंतित हो गए हैं।
फेनेल को लगा कि अगले साल अक्टूबर में नई दिल्ली में होने वाले इन खेलों का आयोजन ठीक तरह से नहीं हो पाएगा क्योंकि इसके लिए जरूरी तैयारी काफी धीमी गति से चल रही है। इसी के बाद उन्होंने कलमाडी को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से मुलाकात कराने की इच्छा जाहिर की।
अधिकारी ने बताया कि कलमाडी जल्द ही खेल मंत्री एम.एस. गिल से मिलेंगे और उन्हें तैयारियों के बारे में ताजातरीन तथा विस्तृत जानकारी मुहैया कराएंगे। ऐसी आशा की जा रही है कि गिल भारत सरकार की ओर से फेनेल को इस संबंध में अवगत कराएंगे।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:24 [IST]
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