अपने उपनाम "ऊंट" से जानी जाने वाली, चीन के हेबै प्रांत की इस सफल एथलीट ने पैरा एथलेटिक्स में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने 2004 में चीन के हुंगशी में अपनी यात्रा शुरू की। उनके परिवार ने उन्हें हेबै प्रांत के विकलांग व्यक्तियों के संघ में नामांकित किया, जिसने उनके एथलेटिक करियर की नींव रखी।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Women's 4 x 400m Relay T53-54 | G स्वर्ण |
| 2016 | 400m - T53 | G स्वर्ण |
| 2016 | 800m - T53 | G स्वर्ण |
| 2012 | 400m - T53 | G स्वर्ण |
| 2012 | 800m - T53 | G स्वर्ण |
| 2008 | 800m - T53 | G स्वर्ण |
| 2020 | 100m - T53 | S रजत |
| 2020 | 800m - T53 | S रजत |
| 2016 | 100m - T53 | S रजत |
| 2012 | 100m - T53 | S रजत |
| 2008 | 400m - T53 | S रजत |
| 2020 | 400m - T53 | B कांस्य |
| 2012 | Women's 200m T53 | B कांस्य |
| 2008 | Women's 200m T53 | B कांस्य |
2012 में, उन्हें हेबै में प्रांतीय सरकार से मेरिट सिटेशन क्लास वन मिला। यह सम्मान लंदन में 2012 के पैरालंपिक खेलों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के सम्मान में था।
आगे देखते हुए, वह हेबै प्रांत के बैनर तले प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा जारी रखती हैं। पैरा एथलेटिक्स के प्रति उनकी समर्पण अटूट है क्योंकि उनका लक्ष्य अपने करियर में और मील के पत्थर हासिल करना है।
उनकी कहानी दृढ़ता और समर्पण का प्रमाण है। अपने कोच से निरंतर समर्थन और अपने हीरो से प्रेरणा के साथ, वह पैरा एथलेटिक्स में आगे सफलता के लिए तैयार हैं।