यूक्रेनी तलवारबाज़ दमित्री रीज़लिन ने अपने करियर में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसके लिए उन्हें सम्मान और पुरस्कार मिले हैं। यूक्रेन के इज़्मेल में जन्मे रीज़लिन ने आठ साल की उम्र में तलवारबाज़ी शुरू की, उनके माता-पिता जिन्होंने उन्हें इस खेल से परिचित कराया, तलवारबाज़ी प्रशिक्षक हैं। उनकी यात्रा समर्पण और दृढ़ता से चिह्नित है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Men's Individual Epee | B कांस्य |
| 2021 | Men's Team Epee | Final 5-6 |
रीज़लिन यूक्रेन की सशस्त्र सेना का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके पिता दमित्री रीज़लिन द्वारा कोच किया जाता है। वह दाएँ हाथ से हैं और किताबें पढ़ने, गिटार बजाने और खाना पकाने का शौक रखते हैं। उनकी सबसे यादगार खेल उपलब्धि 2019 में आई जब उन्होंने बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप में व्यक्तिगत कांस्य और टीम रजत पदक जीता।
2010 में, रीज़लिन को पेरिस में विश्व चैंपियनशिप में क्वालीफाइंग बाउट के दौरान पैर में चोट लग गई, जिसके कारण उन्हें प्रतियोगिता से हटना पड़ा। ऐसे झटकों के बावजूद, वह अपने माता-पिता से प्रेरित हैं और अपने आदर्श वाक्य से जीते हैं: "मुख्य बात यह नहीं है कि आप कितनी बार गिरते हैं, बल्कि यह है कि आप उसके बाद कितनी बार उठते हैं।"
रीज़लिन की उपलब्धियाँ अनजानी नहीं रहीं। टोक्यो में 2020 के ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतने के लिए उन्हें यूक्रेन के राष्ट्रपति से मेरिट ऑर्डर (तीसरे श्रेणी) मिला। यूक्रेनी एप टीम को यूक्रेन की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा 2019 का वर्ष का टीम नामित किया गया था। इसके अतिरिक्त, वह यूक्रेन में सम्मानित खेल मास्टर के पद के धारक हैं।
रीज़लिन ने टोक्यो में 2020 के खेलों में कांस्य पदक जीतकर व्यक्तिगत एप में ओलंपिक पदक जीतने वाले यूक्रेन का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले पुरुष तलवारबाज बनकर इतिहास रच दिया।
जैसे ही रीज़लिन प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा जारी रखते हैं, उनके भविष्य की योजनाएँ तलवारबाज़ी में और अधिक मील के पत्थर हासिल करने पर केंद्रित हैं। उनकी यात्रा कई आकांक्षी एथलीटों के लिए प्रेरणा का काम करती है।