बेल्जियम की एथलीट इल्से हेलेन ने जूडो के खेल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बेल्जियम के गेरार्ड्सबर्गन में पैदा हुई, वह अपने पति और कोच, ओलिवियर बर्गमंस के साथ वहीं रहती हैं। डच भाषा में धाराप्रवाह, हेलेन का जूडो में सफर उनकी बड़ी बहन ट्विगी के कारण शुरू हुआ, जो बेल्जियम में राष्ट्रीय चैंपियन थी।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Women 52kg | 5 |
| 2008 | Women 52kg | Repechage Final |
| 2004 | Women 52kg | B कांस्य |
हेलेन का लक्ष्य 2016 के रियो डी जनेरियो ओलंपिक खेलों में अपने करियर का समापन करना था। हालांकि, वे क्वालीफाई नहीं कर पाईं, जिससे उनका करियर योजना से तीन महीने पहले समाप्त हो गया। इस अवधि को याद करते हुए, उन्होंने इसे एक भारी झटका बताया लेकिन परिणाम को स्वीकार किया।
मार्च 2016 में, हेलेन ने मोरक्को के कैसाब्लांका में अफ्रीकी ओपन में इतिहास रचा। 38 साल और 357 दिन की उम्र में, वे जूडो विश्व कप इवेंट जीतने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गईं। इस उपलब्धि ने उनके शानदार करियर में एक और मील का पत्थर जोड़ा।
जूडो के अलावा, हेलेन को पढ़ने का शौक है। उनके परिवार में उनके पति ओलिवियर बर्गमंस और उनकी बहन ट्विगी शामिल हैं। ट्विगी की जूडो में सफलता ने हेलेन को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
भविष्य की ओर देखते हुए, हेलेन ने संभावित रूप से एक कोच बनने में रुचि व्यक्त की है। यह महत्वाकांक्षा जूडो के प्रति उनके व्यापक अनुभव और जुनून के अनुरूप है।
जूडो में इल्से हेलेन का सफर महत्वपूर्ण उपलब्धियों और चुनौतियों से भरा है। खेल के प्रति उनकी समर्पणा आज भी जूडो के क्षेत्र में कई लोगों को प्रेरित करता है।