बेलारूसी कोच इरीना याचेंको, जिन्हें इरीना यात्सेंको के नाम से भी जाना जाता है, का एथलेटिक्स में एक प्रतिष्ठित करियर रहा है। मिन्स्क, बेलारूस में जन्मीं, उन्होंने 13 साल की उम्र में खेलों की दुनिया में कदम रखा। उनके शुरुआती दिन गोमेल के एक स्पोर्ट्स स्कूल में बिताए गए, जहाँ उन्होंने डिस्कस थ्रो करना शुरू किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2008 | Women's Discus Throw | 10 |
| 2000 | Women's Discus Throw | B कांस्य |
| 1996 | Women's Discus Throw | 12 |
| 1992 | Women's Discus Throw | 7 |
याचेंको का करियर महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा है। 2003 में, वो 37 साल और 298 दिन की उम्र में विश्व एथलेटिक्स चैंपियन बन गईं। यह रिकॉर्ड 2004 में अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (IAAF) द्वारा मान्यता प्राप्त किया गया था।
अपने करियर के बाद, याचेंको को एक बड़ी साथी, एलिना ज़्वेरेवा से प्रेरणा मिली थी। ज़्वेरेवा ने 2000 में 39 साल की उम्र में ओलंपिक खिताब जीता और 2001 विश्व चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया। इन प्रदर्शनों ने याचेंको को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
याचेंको ने इगोर अस्तापकोविच से शादी की है, जो एक पूर्व हैमर थ्रोअर हैं जिन्होंने 1991 और 1995 के बीच लगातार तीन विश्व चैंपियनशिप रजत पदक जीते थे। उनके एक बेटा है, जिसका नाम एंटोन है। परिवार मिन्स्क, बेलारूस में रहता है।
प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से सेवानिवृत्त होने के बाद, याचेंको ने कोचिंग में अपना करियर शुरू किया। अब वो एथलीटों की अगली पीढ़ी को अपना ज्ञान और अनुभव सिखाती हैं। उनका कोचिंग करियर उनके अपने अनुभवों और उनके कोच, व्लादिमीर सिवत्सोव से मिले सबक से निर्देशित है।
याचेंको रूसी भाषा में धाराप्रवाह हैं, जो उन्हें खेल समुदाय के भीतर अपने एथलीटों और साथियों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने में मदद करती है।
अपने पूरे करियर में, याचेंको को कई पुरस्कार मिले हैं। उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि 2003 में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना है। इस जीत ने एथलेटिक्स में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उनकी स्थिति को मजबूत किया।
इरीना याचेंको का सफर, एक युवा लड़की से जो सक्रिय होने का सपना देखती थी, विश्व चैंपियन बनने तक, प्रेरणादायक है। खेलों और कोचिंग के प्रति उनकी समर्पण आज भी कई आकांक्षी एथलीटों को प्रभावित कर रहा है।