जोसेफा इडेम, कैनोइंग उत्कृष्टता का पर्यायवाची नाम, ने 11 साल की उम्र में पैडलिंग शुरू की। खेल में उनके सफर ने उन्हें 1984 में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण कराया, जिसमें उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित ओलंपिक खेलों में पश्चिम जर्मनी का प्रतिनिधित्व किया। यह एक यादगार करियर की शुरुआत थी।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Women's K1 500m | 5 |
| 2008 | Women's K1 500m | S रजत |
| 2004 | Women's K1 500m | S रजत |
| 2000 | Women's K1 500m | G स्वर्ण |
| 1996 | Women's K1 500m | B कांस्य |
| 1992 | Women's K1 500m | 4 |
| 1988 | Women's K4 500m | 5 |
| 1988 | Women's K1 500m | 9 |
| 1984 | Women's K2 500m | B कांस्य |
| 1984 | Women's K4 500m | 5 |
जनवरी 2013 में, इडेम ने कैनोइंग से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। उनका करियर लगभग तीन दशकों तक चला, जिसने खेल में एक स्थायी विरासत छोड़ी। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। वह इटली की डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एक सीनेटर के रूप में कार्य करती हैं और उन्होंने समान अवसर, खेल और युवा नीति मंत्री जैसे पदों पर कार्य किया है।
इडेम इटली के रावेना में अपने पति गुग्लिल्मो गुएरिन और उनके बेटों जेनेक और जोनास के साथ रहती हैं। अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन और इतालवी भाषाओं में धाराप्रवाह, उन्होंने अप्रैल 2007 में प्रकाशित "कोंट्रोकॉरेंट" नामक एक आत्मकथा लिखी है।
जोसेफा इडेम का ग्यारह वर्षीय पैडलर से लेकर ओलंपियन और राजनीतिज्ञ तक का सफर उनके समर्पण और बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है। खेल और लोक सेवा में उनके योगदान आज भी कई लोगों को प्रेरित करते रहते हैं।