जो जॉयस, लंदन, इंग्लैंड में रहने वाले एक प्रमुख एथलीट, ने बॉक्सिंग की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने 22 साल की उम्र में इस खेल की शुरुआत की, जब वे मिडलसेक्स विश्वविद्यालय से गर्मियों की छुट्टी के दौरान एक बॉक्सिंग क्लब गए थे। बॉक्सिंग में उनका प्रारंभिक प्रवेश उनके विश्वविद्यालय जिम में एक संयोग से मुलाकात से प्रोत्साहित हुआ था।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's Super Heavyweight | S रजत |
जॉयस लंदन के अर्ल्सफील्ड बॉक्सिंग क्लब में सिड खान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर, उन्हें रॉब मैकक्रैकन द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है। इन कोचों ने उनके करियर को आकार देने और उनके कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जॉयस ने 2012 में फिनलैंड में ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। उस वर्ष टैमर टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का खिताब दिलाया, जो उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था।
ग्रेट ब्रिटेन के राष्ट्रीय कोच और प्रदर्शन निदेशक रॉब मैकक्रैकन जॉयस के करियर में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं। वह अमेरिकी मुक्केबाज मुहम्मद अली को अपने हीरो और आदर्श के रूप में देखते हैं, अली के दिग्गज करियर से प्रेरणा लेते हैं।
जॉयस को शुरुआती दौर में एक बड़ा झटका लगा जब उनकी एच्यूलिस टेंडन फट गई, जिससे लॉन्ग जंप और ट्रिपल जंप में उनकी भागीदारी समाप्त हो गई। हालाँकि, उन्होंने इस चुनौती को पार किया और बॉक्सिंग में सफलता पाई। बॉक्सिंग के अलावा, उन्होंने युवा स्तर पर लंदन स्कॉटिश, रॉसलिन पार्क और सरे के लिए रग्बी खेला।
2012 के टैमर टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज चुने जाने के अलावा, जॉयस को अपने करियर में कई पुरस्कार मिले हैं। उनकी उपलब्धियां बॉक्सिंग के खेल में उनके समर्पण और कौशल को उजागर करती हैं।
बॉक्सिंग के अलावा, जॉयस के पास मिडलसेक्स विश्वविद्यालय से ललित कला में डिग्री है और उन्हें पेंटिंग एक शौक के रूप में पसंद है। उन्होंने एक पार्ट-टाइम मॉडल के रूप में भी काम किया है, जो बॉक्सिंग रिंग से परे उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
आगे देखते हुए, जॉयस का लक्ष्य बॉक्सिंग में अपनी सफलताओं का निर्माण जारी रखना है। विश्वविद्यालय जिम से अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों तक उनकी यात्रा खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जुनून को दर्शाती है।
जो जॉयस की कहानी लचीलापन और दृढ़ संकल्प की है। चोटों को पार करने से लेकर अंतर्राष्ट्रीय पहचान हासिल करने तक, वह खेल के बाहर अन्य रुचियों को आगे बढ़ाते हुए बॉक्सिंग में उत्कृष्टता प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करते रहते हैं।