डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल ने कहा, "हम स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था करेंगे। इस स्टेशन पर अंदर आने के पांच और इतने ही बाहर जाने के रास्ते रास्ते बनाए जाएंगे। इस स्टेशन की स्वचलित सीढ़ियां अधिक चौड़ी होंगी।"
दयाल ने बताया कि अब तक स्टेशनों पर लगाई गईं स्वचलित सीढ़ियों की चौड़ाई 2.4 मीटर है लेकिन स्टेडियम स्टेशन में लगाई जाने वाली स्वचालित सीढ़ियां 4.25 मीटर चौड़ी होंगी। भीड़ को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
दयाल ने कहा, "स्टेडियम स्टेशन पर एक मिनट में 4000 लोगों के चढ़ने-उतरने की व्यवस्था होगी। यहां के प्लेटफार्म 1800 वर्ग मीटर आकार का है और प्रति घंटे 80,000 लोग आसानी से यहां आ और जा सकेंगे।"
स्टेडियम स्टेशन वह 20 आटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) गेट लगाए जाएंगे। अभी तक काम कर रहे स्टेशनों पर आमतौर पर आठ एएफसी लगे हैं। एएफसी गेट वही स्थान हैं, जहां से होकर यात्री स्टेशन के मुख्य परिसर में प्रवेश करते हैं और प्लेटफार्म से नीचे उतरने के बाद जहां से बाहर निकलते हैं।
डीएमआरसी ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेडियम स्टेशन पर स्वयंसेवकों और सहायकों को तैनात करने का फैसला किया है। इनकी तैनाती एएफसी गेट, स्वचलित सीढ़ियों, प्लेटफार्म, अंदर आने तथा बाहर जाने के रास्तों पर होगी।
डीएमआरसी ने राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 11 में से 10 आयोजन स्थलों को मेट्रो सेवा से जोड़ने की तैयारी कर रखी है। इनमें खेल गांव, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, दिल्ली विश्वविद्यालय, त्यागराज काम्पलेक्स, सीरी फोर्ट स्पोर्ट्स काम्पलेक्स, नेशनल स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स काम्पलेक्स, तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, यमुना स्पोर्ट्स काम्पलेक्स और आरके खन्ना टेनिस काम्पलेक्स प्रमुख हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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