खिलाड़ियों को अदालत की शरण लेनी चाहिए : इंजमाम
इंजमाम ने कहा, "प्रतिबंध के खिलाफ खिलाड़ियो को अदालत जाना चाहिए। हार के लिए सिर्फ खिलाड़ी जिम्मेदार नहीं हैं। पीसीबी भी इसके लिए बराबर जिम्मेदार है।"
पाकिस्तानी टीम के एक अन्य पूर्व कप्तान रमीज राजा ने भी पीसीबी के इस कदम की आलोचना की है। राजा ने कहा, "यूसुफ और यूनुस पर आजीवन प्रतिबंध लगाना बेहद सख्त सजा है। मैं इसके खिलाफ हूं।"
पूर्व कप्तान रशीद लतीफ ने दावा किया है कि पीसीबी इन प्रतिबंधों को लागू नहीं कर सकेगी क्योंकि खिलाड़ी अदालत की शरण में जाएंगे और जीतेंगे भी। उन्होंने कहा, "मुझे समझ में नहीं आता है कि बोर्ड ने पहले कोई कदम क्यों नहीं उठाया, जब टीम में कई समस्याएं थीं। इस प्रकार के कदम उठाकर बोर्ड अपना ही बचाव कर रही है।"
उल्लेखनीय है कि पीसीबी ने कर्तव्य से भटकने और अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने को लेकर एकदिवसीय और टेस्ट टीम के कप्तान मोहम्मद यूसुफ और पूर्व कप्तान यूनुस खान पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है।
पीसीबी ने हार के कारणों पर विचार करने के लिए एक समिति गठित की थी। इस समिति ने पाया कि अनुशासनहीनता और संगठन की कमी के कारण टीम की हार हुई है।
इसके लिए समिति ने यूसुफ और यूनुस के अलावा ट्वेंटी-20 टीम के कप्तान शाहिद अफरीदी, विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल, उनके छोटे भाई उमर अकमल, पूर्व कप्तान शोएब मलिक तथा तेज गेंदबाज राणा नवेद उल हसन को मुख्य रूप से दोषी पाया है।
यूसुफ और यूनुस पर जहां अपने कर्तव्य के प्रति वफादारी नहीं दिखाने के कारण अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया है वहीं राणा और मलिक पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। यूसुफ और यूनुस काउंटी तथा घरेलू मैच में खेल सकते हैं।
अकमल भाइयों और अफरीदी पर छह महीने तक क्रिकेट खेलने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही इन तीनों खिलाड़ियों पर 20 से 30 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।
आस्ट्रेलिया में खेली गई पांच मैचों की टेस्ट तथा इतने ही मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में पाकिस्तान टीम को 0-5 से हार मिली थी। उससे पहले यह टीम न्यूजीलैंड के हाथों भी टेस्ट श्रृंखला हार गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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