गांव वालों ने कबड्डी खिलाड़ी को ‌दिए 11 लाख रुपये

दिल्ली (ब्यूरो)। भारत को महिला कबड्डी विश्वकप का ‌खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली कृष्णा डबास का कंझावला गांव में गांव के लोगों ने अभिनंदन किया। ग्रामीणों ने कृष्णा को फूल मालाओं के साथ-साथ नोटों की मालाओं से लाद दिया। समारोह में ग्रामीणों ने कृष्णा को करीब 11 लाख रुपये पुरस्कार के तौर पर दिए। ग्रामीणों ने केंद्र एवं दिल्ली सरकार के साथ-साथ रेलवे से भी उनको पुरस्कृत करने की मांग की।

कृष्णा का दिल्ली देहात के सौ से अधिक गांवों के लोगों ने भव्य नागरिक अभिनंदन किया। इस मौके पर गांवों की पृष्ठभूमि से जुड़े अनेक विधायक, पार्षद एवं विभिन्न खेलों के पूर्व एवं वर्तमान खिलाड़ी भी उपस्थित हुए। सभी ने कृष्णा को फूल एवं नोटों की माला पहनाकर स्वागत किया। कृष्णा को उनके घर से समारोह स्थल तक ढोल नगाड़ों साथ खुली जीप में लाया गया।

कृष्णा ने कहा कि उनके गांवों के निवासियों ने उनको जो मान सम्मान एवं आशीर्वाद दिया है वह उसे कभी नहीं भूल पाएगी। वह उनके सम्मान को बढ़ाने और उम्मीदों को पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। वह अपनी कामयाबी के शुरू अभियान को एक के बाद एक प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके देश को सफलता दिलाते हुए जारी रखेगी।

उन्होंने ग्रामीण इलाके की युवतियों से खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया और ग्रामीणों से भी अपनी बेटियों में खेलों के रुचि पैदा करने का आग्रह किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने केंद्र सरकार एवं दिल्ली सरकार के साथ-साथ रेलवे से भी कृष्णा को उसी तरह पुरस्कृत करने की मांग की जैसे उन्होंने ओलंपिक, एशियाड एवं कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक विजेताओं को पुरस्कृत किया था। कृष्णा रेलवे में क्लर्क के तौर पर कार्यरत और वह कंझावला गांव के एक किसान परिवार की बेटी है।

गौरतलब है कि वर्ष 1990 में एशियाड खेलों में शामिल हुई कबड्डी (पुरुष) प्रतियोगिता में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। इस टीम में दिल्ली के जोंती गांव के तीरथराज और कैर गांव के रणधीर सहरावत थे। टीम के मैनेजर जसवीर डबास भी गांव सुल्तानपुर डबास निवासी थे। हर बार भारत को कबड्डी में स्वर्ण पदक दिलाने में दिल्ली के गांवों के युवकों की अहम भूमिका रही है। गत एशियाड खेलों में कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के कप्तान दिल्ली के निजामपुर गांव के राकेश कुमार थे।गांवों का प्रिय खेल है कबड्डी। दिल्ली के करीब एक दर्जन गांवों में लड़के-लड़कियों का रुझान कबड्डी की ओर अधिक है।

Story first published: Monday, March 12, 2012, 18:57 [IST]
Other articles published on Mar 12, 2012
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+