प्रसिद्ध जूडो एथलीट और व्याख्याता, कजुनारी कावानो ने इस खेल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जापान में जन्मे, उन्होंने तीन साल की उम्र में ही जूडो शुरू कर दिया था। उनके बड़े भाई ने उन्हें इस खेल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके कारण उन्हें जीवन भर के लिए इस खेल से प्यार हो गया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2008 | Men 100kg | G स्वर्ण |
| 2004 | Men +100kg | G स्वर्ण |
कावानो की सबसे यादगार खेल उपलब्धि 2004 के एथेंस ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना था। यह जीत उनके करियर का एक उल्लेखनीय क्षण बना हुआ है। वे कोकुशिकन विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के संकाय सदस्य भी हैं, जहाँ वे जूडो कोचिंग करते हैं।
कजुनारी कावानो अपने विश्वविद्यालय जूडो क्लब के कोच, कजुनारी कावानो को अपने करियर में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति मानते हैं। उनका खेल दर्शन "गौकी बोकुतोत्सु" है जिसका अर्थ है "एक मजबूत इरादा रखें और दिखावा न करें।"
कावानो की शादी क्योको से हुई है। उन्हें खरीदारी करने और अपने खाली समय में दोस्तों के साथ घूमने में मज़ा आता है। वे जापानी भाषा में धाराप्रवाह बोलते हैं।
दिसंबर 2011 में, कावानो की बायीं कोहनी से अलग हुए उपास्थि को निकालने के लिए सर्जरी हुई थी। इस असफलता के बावजूद, उन्होंने एक एथलीट और एक कोच दोनों के रूप में खेल में योगदान देना जारी रखा।
आगे देखते हुए, कजुनारी कावानो कोकुशिकन विश्वविद्यालय में अपना काम जारी रखने की योजना बना रहे हैं। जूडो में नई प्रतिभा को पोषित करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता अटूट बनी हुई है।
जूडो में कजुनारी कावानो की यात्रा समर्पण, लचीलापन और शिक्षण के प्रति जुनून से चिह्नित है। उनकी उपलब्धियां और योगदान खेल के क्षेत्र में कई लोगों को प्रेरित करते रहते हैं।