13 साल की उम्र में, उन्होंने अपने स्कूल के साथियों से प्रभावित होकर शूटिंग की अपनी यात्रा शुरू की। कोरिया गणराज्य के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए, उन्होंने 2012 में दोहा, कतर में एशियाई चैंपियनशिप में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। इस खेल में उनकी दाहिनी आंख और दाहिना हाथ उनके प्रमुख पक्ष हैं।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Women's 25m Pistol | 9 |
| 2012 | Women's 25m Pistol | G स्वर्ण |
| 2012 | Women 10m Air Pistol | 13 |
उन्होंने ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली 20 सालों में पहली कोरियाई महिला निशानेबाज बनकर इतिहास रचा। उन्होंने 2012 लंदन खेलों में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की। 1992 बार्सिलोना खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतने वाली आखिरी कोरियाई महिला निशानेबाज यो काब-सून थीं।
2014 में, उन्हें कंधे में सूजन का अनुभव होने लगा, जो 2016 ओलंपिक खेलों से पहले भी उन्हें प्रभावित करता रहा। इन चुनौतियों के बावजूद, वह अपने खेल के प्रति प्रतिबद्ध रहीं और उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा जारी रखी।
उनका खेल दर्शन स्पष्ट है: "लोग असफल होते हैं, क्योंकि वे प्रतिभाशाली नहीं होते हैं, बल्कि इसलिए कि उनके पास कोई उद्देश्य नहीं होता है।" इस आदर्श वाक्य ने उनके करियर के विभिन्न चरणों में उनका मार्गदर्शन किया है। वह कोरियाई निशानेबाज जिन जोंग-ओह को अपना आदर्श मानती हैं।
आगे देखते हुए, वह प्रतिस्पर्धा करना जारी रखने की योजना बना रही हैं और आगामी अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने का लक्ष्य रखती हैं। उनका ध्यान कोरिया गणराज्य का प्रतिनिधित्व करने और अपने खेल में और अधिक सफलता हासिल करने पर बना हुआ है।
अपने साथियों से प्रभावित एक युवा लड़की से लेकर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता तक की उनकी यात्रा उनकी समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। जैसे-जैसे वह प्रतिस्पर्धा करना जारी रखती हैं, वह कोरिया और दुनिया भर के आकांक्षी एथलीटों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।