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Kimia Alizadeh, ओलंपिक 2024

किमिया अलीजादेह, एक कुशल एथलीट, तेक्वांडो की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति कर चुकी हैं। उन्होंने अपने खेल का सफर सात साल की उम्र में कराज, ईरान में शुरू किया। शुरुआत में उन्हें तेक्वांडो पसंद नहीं था, लेकिन उनके कोच ने उनके ओलंपिक चैंपियन बनने की भविष्यवाणी ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

तायक्वोंडो
आईओसी शरणार्थी ओलंपिक टीम
जन्मतिथि: Jul 10, 1998
Kimia Alizadeh profile image
लंबाई: 5′10″
जन्म स्थान: Karaj
Social Media: Facebook Instagram
ओलंपिक अनुभव: 2016, 2020, 2024

Kimia Alizadeh ओलंपिक मेडल

ओलंपिक मेडल

0
स्वर्ण
0
रजत
2
कांस्य
2
कुल

Paris 2024 पदक

0
स्वर्ण
0
रजत
1
कांस्य
1
कुल

Kimia Alizadeh Olympics Milestones

Season Event Rank
2021 Women's Featherweight 49-57kg 5
2016 Women's Featherweight 49-57kg B कांस्य

Kimia Alizadeh Biography

अलीजादेह लंदन, इंग्लैंड के टाइगर्स तेक्वांडो अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं। उनके कोच, दावुद एटमिनानी, उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अकादमी ने उन्हें अपने कौशल को निखारने और उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक वातावरण प्रदान किया है।

चुनौतियां और चोटें

अलीजादेह अपने करियर में कई चोटों का सामना कर चुकी हैं। सितंबर 2017 में, उन्होंने अपने घुटने में टूटे ACL के लिए सर्जरी करवाई, जिससे उन्हें छह महीने के लिए खेल से दूर रहना पड़ा। अगस्त 2018 में ACL का एक और टूटना उनके लिए इंडोनेशिया में एशियाई खेलों में भाग लेने का अवसर छीन गया। 2016 रियो ओलंपिक के बाद, उन्होंने अपने बाएं टखने और घुटने का ऑपरेशन कराया, जिसके कारण उन्हें आठ महीने की रिकवरी अवधि की जरूरत पड़ी।

उपलब्धियां और मील के पत्थर

अलीजादेह की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। वह नानजिंग में 2014 युवा ओलंपिक खेलों और मुजू में 2017 विश्व चैंपियनशिप में ईरान की ध्वजवाहक थीं। उनकी सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 2016 रियो ओलंपिक में आई, जहां उन्होंने -57 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता। इसने उन्हें ईरान की पहली महिला एथलीट बना दिया, जिसने ओलंपिक पदक जीता।

दर्शन और आदर्श वाक्य

अलीजादेह इस आदर्श वाक्य से जीती हैं: "एक चैंपियन तभी चैंपियन होता है जब तक वह मंच पर खड़ा होता है। एक बार जब आप मंच से उतर जाते हैं तो आपको फिर से काम करना शुरू करना होता है।" यह दर्शन उनके समर्पण और उत्कृष्टता की अथक खोज को दर्शाता है।

जर्मनी में स्थानांतरण

फरवरी 2021 में, अलीजादेह को जनवरी 2021 में ईरान छोड़ने के बाद जर्मनी में शरणार्थी का दर्जा दिया गया। उन्होंने व्यक्त किया कि तेक्वांडो ने उनके जीवन को बदल दिया और उन्हें पहचान दिलाई। चुनौतियों के बावजूद, वह अब एक साथ व्यक्तिगत और खेल जीवन होने की कद्र करते हैं।

भविष्य की योजनाएं

आगे देखते हुए, अलीजादेह का लक्ष्य अपने निजी जीवन को संतुलित करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा जारी रखना है। कराज की एक युवती से ओलंपिक पदक विजेता और शरणार्थी की उनकी यात्रा उनकी लचीलापन और दृढ़ संकल्प को उजागर करती है।

अलीजादेह की कहानी दृढ़ता और विपरीत परिस्थितियों पर विजय की एक कहानी है। उनकी उपलब्धियों ने ईरान और उससे आगे के भविष्य के एथलीटों के लिए रास्ता बनाया है।

ओलंपिक समाचार
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