1994 में, एक युवा एथलीट ने चीन के गुआंगज़ौ स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में अपनी तलवारबाजी यात्रा शुरू की। ज़ोर्रो से प्रेरित होकर, उनका मानना था कि तलवारबाजी उन्हें कूल लुक देगी। यह एथलीट, जिसे "रेन स्टॉर्म" के नाम से जाना जाता है, अब बीजिंग में रहने वाला एक प्रसिद्ध कोच है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's Team Foil | Final 5-6 |
| 2016 | Men's Individual Foil | Last 32 |
| 2012 | Men's Individual Foil | G स्वर्ण |
| 2012 | Men's Team Foil | Final 7-8 |
| 2008 | Men's Individual Foil | 8 |
अपने पूरे करियर के दौरान, उन्हें महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 2007 में, उन्हें न्यूमोथोरैक्स, फेफड़ों के ढहने का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, उन्हें कलाई की चोट से परेशानी होती रही। इन असफलताओं के बावजूद, वे अपने खेल में आगे बढ़ते रहे।
तलवारबाजी में उनके योगदान को व्यापक रूप से मान्यता मिली है। वे 2016 के रियो ओलंपिक खेलों और 2014 के इनचियोन में एशियाई खेलों में चीन के ध्वजवाहक थे। 2013 में, उन्हें अंतर्राष्ट्रीय तलवारबाजी महासंघ हॉल ऑफ फ़ेम में शामिल किया गया।
उनकी शादी झोउ ज़ुए से हुई है, जिन्होंने 2006 की विश्व जूनियर चैंपियनशिप में तलवारबाजी में चीन का प्रतिनिधित्व किया था। उनका एक बेटा है जिसका नाम ली चेन्यू है। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की है, बीजिंग विश्वविद्यालय से विज्ञापन में डिग्री हासिल की है और पत्रकारिता और संचार में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं।
वर्तमान में, वे एक कोच के रूप में काम करते हैं और अंग्रेजी और मंदारिन दोनों बोलते हैं। तलवारबाजी के प्रति उनकी समर्पण जारी है क्योंकि उनका लक्ष्य नई प्रतिभा को पोषित करना और चीन में इस खेल के विकास में योगदान देना है।
ज़ोर्रो से प्रेरित एक आकांक्षी तलवारबाज से लेकर एक ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और सम्मानित कोच तक की उनकी यात्रा उनके जुनून और लचीलेपन का प्रमाण है। उनकी कहानी खेल की दुनिया में कई लोगों को प्रेरित करती रहती है।