1997 में, हरमोसिलो, मेक्सिको की एक एथलीट ने वेटलिफ्टिंग में अपना सफ़र शुरू किया। शुरुआत में एक जिम्नास्ट, उसने अपने दिवंगत कोच, मैनुअल रेयेस की सलाह पर खेल बदल दिया। उन्होंने उसकी ताकत और शारीरिक बनावट देखी और सुझाव दिया कि वह वेटलिफ्टिंग कोशिश करे। वह जिज्ञासा से एक टूर्नामेंट में शामिल हुई और उसे एक नया जुनून मिला।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Women's 63kg | B कांस्य |
| 2008 | Women's 63kg | 7 |
जुलाई 2010 में, उसे बाएं घुटने में चोट लगी जिसके लिए पांच महीने की रिकवरी की जरूरत पड़ी। इस असफलता के बावजूद, वह वेटलिफ्टिंग में अपनी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाती रही।
खेल से अलग, वह घूमना फिरना और परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना पसंद करती है। वह अपने बेटे के साथ हरमोसिलो, मेक्सिको में रहती है।
आगे देखते हुए, वह लंदन में 2012 ओलंपिक खेलों के फाइनल में पहुँचने का लक्ष्य रखती है। यह लक्ष्य वेटलिफ्टिंग के खेल के प्रति उनकी समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एक संघर्षरत जिम्नास्ट से एक सफल वेटलिफ्टर तक उसकी यात्रा उसके लचीलेपन और खेल के प्रति जुनून का प्रमाण है। जैसे ही वह अपने क्यूबा कोच, जोएल पास्टर रोमन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती रहती है, वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित रहती है।