भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनीषा बत्रा ने अपने करियर में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत में जन्मी और पली-बढ़ी, उन्होंने चार साल की उम्र में टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया और पांच साल की उम्र में प्रतिस्पर्धा शुरू कर दी। खेल में उनकी रुचि तब पैदा हुई जब उन्होंने अपने बड़े भाई-बहनों को खेलते देखा, खासकर उनकी बड़ी बहन, जो उनके जन्म से पहले खेलती थी।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Mixed Doubles | Last 16 |
| 2021 | Women's Singles | Round 3 |
| 2016 | Women's Singles | G स्वर्ण |
बत्रा के पास पुरस्कारों की एक प्रभावशाली सूची है। 2020 में, उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला, जो भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है। उन्होंने 2018 में खेल और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार भी जीता। उसी वर्ष, उन्हें टाइम्स ऑफ इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड समारोह में टेबल टेनिस प्लेयर ऑफ द ईयर नामित किया गया था।
उन्होंने 2018 में एशियाई खेलों में मिश्रित युगल में शरथ अचंता के साथ कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिला एकल में स्वर्ण पदक जीता और महिला टीम स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय टीम का हिस्सा थीं।
बत्रा अपने बैकहैंड पक्ष पर लंबे पिंपल वाले रबर और अपने फोरहैंड पक्ष पर सामान्य रबर का उपयोग करने के लिए जानी जाती हैं। यह अनूठा सेटअप उन्हें शीर्ष स्पिन का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने की अनुमति देता है। उनका मानना है कि इस तकनीक ने उनके खेल में काफी सुधार किया है।
टेबल टेनिस के अलावा, बत्रा को नृत्य, फोटोग्राफी, फिल्में देखना, क्रिकेट और टेनिस पसंद है। वह अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में धाराप्रवाह बोलती है और दिल्ली विश्वविद्यालय से मानविकी में स्नातक की उपाधि धारण करती है।
बत्रा का खेल दर्शन भारत का प्रतिनिधित्व करने और अपने देश के लिए सफलता प्राप्त करने के इर्द-गिर्द घूमता है। वह अक्सर अपने नाखूनों को भारतीय ध्वज के रंगों में रंगती है और प्रेरणा के लिए फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के वीडियो देखती है। "मुझे रोनाल्डो बहुत पसंद है और मैं प्रेरणा पाने के लिए उसके वीडियो देखती हूं," वह कहती हैं।
2021 में, बत्रा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन भारतीय राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय ने उन्हें ओलंपिक क्वालीफाइंग मैच छोड़ने के लिए कहा था। इससे एक कानूनी लड़ाई हुई जहां उन्होंने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के खिलाफ गैर-पारदर्शी चयन प्रक्रियाओं के लिए एक याचिका दायर की। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फरवरी 2022 में TTFI की कार्यकारी समिति को निलंबित कर दिया और फेडरेशन को चलाने के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया।
आगे देखते हुए, बत्रा का लक्ष्य 2024 के पेरिस ओलंपिक खेलों में पोडियम पर समाप्त होना है। उनका सफर भारत भर के कई युवा एथलीटों को प्रेरित करता रहता है।
टेबल टेनिस और अपने देश के प्रति बत्रा की समर्पण अटूट है क्योंकि वह अपने करियर में और अधिक मील के पत्थर हासिल करने के लिए प्रयास करती है।