कैनेडा के प्रसिद्ध कैनोइस्ट मार्क ओल्डरशॉ ने अपने खेल में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कैनोइंग के समृद्ध इतिहास वाले परिवार में पैदा हुए, उन्होंने सात साल की उम्र में पहली बार इस खेल को आजमाया और नौ साल की उम्र में प्रतिस्पर्धा शुरू कर दी। उनके दादा, पिता और दो चाचा अंतरराष्ट्रीय कैनोइस्ट थे, जिसने उनके लिए एक प्रेरणादायक माहौल बनाया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's C1 1000m | 11 |
| 2016 | Men's C1 200m | 20 |
| 2012 | Men's C1 1000m | B कांस्य |
| 2008 | Men C1 500m | 10 |
ओल्डरशॉ ओंटारियो के ओकविल में बर्लोआक कैनो क्लब के साथ प्रशिक्षण लेते हैं। उनकी कोचिंग टीम में उनके पिता स्कॉट ओल्डरशॉ, लैरी कैन और लाज़लो लैटरॉव्सज़्की शामिल हैं। वह दिन में दो बार पानी में प्रशिक्षण लेते हैं और हफ्ते में चार बार ताकत सत्र करते हैं। उनकी समर्पण ने रंग लाया जब उन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता।
ओल्डरशॉ को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें उनके बाएं हाथ में कैंसरयुक्त हड्डी को हटाने के लिए दो ऑपरेशन शामिल थे, जिसका दूसरा ऑपरेशन 2005 में हुआ था। इन असफलताओं के बावजूद, उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा। उन्हें 2001 में कनाडा के जूनियर पुरुष एथलीट ऑफ द ईयर का नाम दिया गया और उन्होंने 2015 के पैन अमेरिकन खेलों के उद्घाटन समारोह में कनाडा के ध्वजवाहक के रूप में काम किया।
ओल्डरशॉ को परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने में मज़ा आता है। उनकी एक अनोखी अंधविश्वास है कि वे अपनी नाव में एक भाग्यशाली पैसा लेकर दौड़ते हैं। उनकी बेटी जोसेफिन का जन्म अगस्त 2015 में मॉन्ट्रियल में एक प्रशिक्षण शिविर में रहते हुए समय से पहले हुआ था। शुरुआती स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बावजूद, वह अब स्वस्थ और तंदुरुस्त है।
आगे देखते हुए, ओल्डरशॉ का लक्ष्य अपने निजी जीवन को संतुलित करते हुए उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना जारी रखना है। कैनोइंग में आगे की उपलब्धियों का पीछा करते हुए उनके परिवार का समर्थन महत्वपूर्ण बना हुआ है।
ओल्डरशॉ की यात्रा लचीलापन और समर्पण का प्रमाण है। उनकी कहानी दुनिया भर के कई युवा एथलीटों को प्रेरित करती रहती है।