मिस्र के पैरा पावरलिफ्टर, जिन्होंने 1996 में मीनूफिया, मिस्र में अपनी यात्रा शुरू की, ने अपने करियर में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने 2005 में ताबा में मिस्र के लिए पदार्पण किया। पावरलिफ्टिंग के प्रति उनका जुनून शुरू से ही स्पष्ट था। "मैं हमेशा पावरलिफ्टिंग के प्रति भावुक था और इसे अपने लिए एक उपयुक्त खेल के रूप में देखा," उन्होंने कहा।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Men's 75kg | S रजत |
| 2020 | -80kg | B कांस्य |
| 2008 | Men's 75kg | 4 |
| 2016 | Men's 72kg | NoM |
2021 में, उन्हें मिस्र में तृतीय श्रेणी खेल पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 2020 के टोक्यो पैरालंपिक खेलों में उनके कांस्य पदक की मान्यता में आया। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें न केवल व्यक्तिगत संतुष्टि दिलाई है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है।
मिस्र के पैरा पावरलिफ्टर मेटवाली माथना उनके करियर पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। माथना की उपलब्धियाँ और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें अपनी सीमाओं को पार करने और उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य 2024 के पेरिस पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। यह लक्ष्य उन्हें अपने कठोर प्रशिक्षण को जारी रखने और शिखर प्रदर्शन प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए प्रेरित करता है।
अपने एथलेटिक करियर के अलावा, वह अपने ख़ाली समय में मछली पकड़ने का आनंद लेते हैं। उन्होंने मिस्र के शिबीन अल कौम में मीनूफिया विश्वविद्यालय से साहित्य की पढ़ाई की। वे एक पारिवारिक व्यक्ति भी हैं जिनका एक बच्चा 2010 में पैदा हुआ था।
वह अरबी और अंग्रेजी दोनों में पारंगत हैं, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर प्रभावी ढंग से संवाद करने में मदद करता है। यह कौशल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीट के लिए महत्वपूर्ण है।
उनका प्रशिक्षण चिली के राष्ट्रीय कोच आंद्रे आचेब्रे और मिस्र के हानी महमूद द्वारा निर्देशित है। उनकी विशेषज्ञता और समर्थन उनकी तैयारी और प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जैसे ही वह प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा जारी रखते हैं, पैरा पावरलिफ्टिंग के प्रति उनका समर्पण अटूट बना हुआ है। मीनूफिया से अंतरराष्ट्रीय ख्याति तक उनकी यात्रा उनके कड़ी मेहनत और खेल के प्रति जुनून का प्रमाण है।