खेल की दुनिया में, एथलीट अक्सर विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा लेते हैं। ऐसा ही एक एथलीट गिलान प्रांत, ईरान से एक पावरलिफ्टर है। वह फारसी बोलता है और राष्ट्रीय कोच हुसैन तवकोली और अहमद मोल्ला हुसैनी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेता है।

एथलीट ईरानी पैरा पावरलिफ्टर सियामंड रहमान को अपना हीरो मानता है। पावरलिफ्टिंग में रहमान की उपलब्धियां उसके लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं। इसके अतिरिक्त, वह अपने माता-पिता को अपने जीवन में महत्वपूर्ण प्रभाव के रूप में मानता है, जिसने खेल में उसके सफर को आकार दिया।
वह इस दर्शन के साथ जीता है, "हमें जो मिल गया है उसे संजोना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। पावरलिफ्टिंग के माध्यम से, मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हूं।" यह कथन 29 अक्टूबर 2013 को paralympic.org पर साझा किया गया था। यह उसके आभार और राष्ट्रीय गौरव की भावना को उजागर करता है।
इस एथलीट की यात्रा स्पष्ट लक्ष्यों, मजबूत प्रभावों और एक मार्गदर्शक दर्शन से चिह्नित है जो उसे जमीनी स्तर पर रखता है। जैसे ही वह आगामी पैरालंपिक खेलों की तैयारी कर रहा है, उसकी कहानी खेल के क्षेत्र में कई लोगों को प्रेरित करती रहती है।