2016 में, उज़्बेकिस्तान की एक एथलीट ने खेलों में अपना सफर शुरू किया। 2017 तक, उन्होंने उज़्बेकिस्तान के लिए पदार्पण किया। उनकी समर्पण और कड़ी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने 2020 के टोक्यो पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इस उपलब्धि ने उन्हें उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति से "ओज़्बेकिस्तान इफ़्तिखोरी" [उज़्बेकिस्तान का गौरव] मानद उपाधि दिलाई।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2020 | Discus Throw - F57 | G स्वर्ण |
| 2020 | Shot Put - F57 | 9 |
वह रूसी और उज़्बेक दोनों भाषाओं में पारंगत हैं, जिससे उन्हें विभिन्न सेटिंग्स में प्रभावी ढंग से संवाद करने में मदद मिली है। खेल के अलावा, उन्हें पेंटिंग पसंद है, एक ऐसा शौक जो उन्हें रचनात्मकता व्यक्त करने और तनाव मुक्त करने की अनुमति देता है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य 2024 के पेरिस पैरालंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करना है। यह लक्ष्य उत्कृष्टता के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता और एक बार फिर वैश्विक मंच पर उज़्बेकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने की उनकी इच्छा को दर्शाता है।
2016 में खेल शुरू करने से लेकर 2020 के पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने तक का उनका सफर उनके समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। पेरिस 2024 पर नज़रें गड़ाए, वे भविष्य की चुनौतियों के लिए प्रशिक्षण और तैयारी जारी रखती हैं।