डिकासन की सलाह माने इंग्लिश टीम : थोर्प
लंदन, 3 दिसम्बर: एक तरफ जहां भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रंखला के आयोजन को लेकर बातचीत का दौर जारी है वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर इयान थोर्प ने कहा है कि इंग्लिश टीम को अपने सुरक्षा सलाहकार रेग डिकासन की सलाह पर भरोसा करना चाहिए।
खेल वेबसाइट 'यूरोस्पोर्ट' पर लिखे अपने ब्लॉग में थोर्प ने लिखा है, "2001 में 9/11 की घटना के तुरंत बाद हमें भारत दौरे पर जाना था। एंड्रयू कैडिक और राबर्ट क्रॉफ्ट ने भारत नहीं जाने का फैसला किया था लेकिन मैं वहां गया था। मेरा मानना है कि अगर आपका सुरक्षा अधिकारी 'हां' कहता है तो फिर आपको वहां जाने में कोई दिक्कत नहीं।"
थोर्प के मुताबिक सुरक्षा की स्थिति बेहतर करने के लिए ही भारतीय बोर्ड ने आयोजन स्थलों में तब्दीली की है और फिर डिकासन 'आंखों देखी' के आधार पर अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।
बकौल थोर्प, "हमें डिकासन की रिपोर्ट पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि हमने उन्हें इसी काम के लिए नियुक्त किया है और उन्हें तनख्वाह भी इसी काम के लिए मिलती है।"
दूसरी तरफ, थोर्प यह भी मानते हैं कि चूंकि खिलाड़ियों ने भारत में रहकर टीवी पर आतंकी हमले की लाइव तस्वीरें देखी हैं, लिहाजा उन्हें मनाना थोड़ा कठिन हो सकता है।
बकौल थोर्प, "खिलाड़ियों के अंदर डर स्वाभाविक है। इतना कुछ देखने के बाद किसी को भी डर लगेगा। लेकिन मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को घर लौटने का फैसला करने की इजाजत देना गलत था। यह काम सुरक्षा सलाहकार के कहने पर ही होना चाहिए था।"
खेल वेबसाइट 'यूरोस्पोर्ट' पर लिखे अपने ब्लॉग में थोर्प ने लिखा है, "2001 में 9/11 की घटना के तुरंत बाद हमें भारत दौरे पर जाना था। एंड्रयू कैडिक और राबर्ट क्रॉफ्ट ने भारत नहीं जाने का फैसला किया था लेकिन मैं वहां गया था। मेरा मानना है कि अगर आपका सुरक्षा अधिकारी 'हां' कहता है तो फिर आपको वहां जाने में कोई दिक्कत नहीं।"
थोर्प के मुताबिक सुरक्षा की स्थिति बेहतर करने के लिए ही भारतीय बोर्ड ने आयोजन स्थलों में तब्दीली की है और फिर डिकासन 'आंखों देखी' के आधार पर अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।
बकौल थोर्प, "हमें डिकासन की रिपोर्ट पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि हमने उन्हें इसी काम के लिए नियुक्त किया है और उन्हें तनख्वाह भी इसी काम के लिए मिलती है।"
दूसरी तरफ, थोर्प यह भी मानते हैं कि चूंकि खिलाड़ियों ने भारत में रहकर टीवी पर आतंकी हमले की लाइव तस्वीरें देखी हैं, लिहाजा उन्हें मनाना थोड़ा कठिन हो सकता है।
बकौल थोर्प, "खिलाड़ियों के अंदर डर स्वाभाविक है। इतना कुछ देखने के बाद किसी को भी डर लगेगा। लेकिन मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को घर लौटने का फैसला करने की इजाजत देना गलत था। यह काम सुरक्षा सलाहकार के कहने पर ही होना चाहिए था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:21 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Log in for Better Reading Experience!
By signing in, you agree to our Terms and Privacy Policy
Gender
Select your Gender
- Male
- Female
- Others
Age
Select your Age Range
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
