आईएएनएस से बातचीत के दौरान बिंद्रा ने कहा, "हमारी सरकार खेलों पर अच्छा-खासा व्यय करती है लेकिन वह खर्च सही दिशा में होना चाहिए। हमें लक्ष्य निर्धारित करना होगा। हमें लंदन ओलंपिक में कम से कम पांच पदक जीतने का लक्ष्य रखना होगा, तभी हमारे खिलाड़ी उनके मुताबिक तैयारी कर सकेंगे।"
बिंद्रा के मुताबिक भारतीय खेलों के लिहाज से यह काफी अहम मुकाम है और इस पड़ाव पर कारपोरेट घरानों को खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
बकौल बिंद्रा, "फिलहाल सरकार ही ओलंपिक खेलों पर खर्च कर रही है। कारपोरेट घरानों को क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों पर भी ध्यान देना चाहिए। क्रिकेट के पास तो इतना धन है कि उनका गुजारा हो जाएगा। कारपोरेट घरानों को एक ऐसी सक्षम प्रणाली के निर्माण में मदद करनी चाहिए, जिसके तहत खिलाड़ी अपने लक्ष्य हासिल कर सकें।"
बिंद्रा मानते हैं कि आज की तारीख में भारत निशानेबाजी के क्षेत्र में महाशक्ति का दर्जा हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा, "उदाहरण के तौर पर एअर राइफल को ही लीजिए। हमारे पास सीनियर और जूूनियर विश्व चैंपियन हैं। इसके अलावा हमारे पास ओलंपिक चैंपियन और विश्व रिकार्डधारी भी हैं। हमने ओलंपिक, विश्व कप, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।