तेंदुलकर की पैरवी के बावजूद द्रविड़ को लेकर संशय बरकरार
द्रविड़ इन दिनों अपने करियर के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। चेन्नई में खेले गए पहले टेस्ट मैच में उन्होंने पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में चार रन बनाए थे। इस लिहाज से उनका दूसरे टेस्ट मैच के लिए अंतिम-11 सदस्यों में स्थान पाना मुश्किल लग रहा है।
भारतीय टीम प्रबंधन ने अभी अंतिम-11 में शामिल खिलाड़ियों के नामों की घोषणा नहीं की है। इसकी वजह द्रविड़ को लेकर बरकरार संशय ही है। हालांकि चेन्नई टेस्ट मैच के बाद सचिन तेंदुलकर ने द्रविड़ की जमकर वकालत की थी। तेंदुलकर ने कहा था कि द्रविड़ अच्छे नहीं, बल्कि महान खिलाड़ी है और ऐसे खिलाड़ियों को लय में आने के लिए सिर्फ एक अच्छी पारी की जरूरत होती है।
पिछली नौ पारियों में द्रविड़ के बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है। 9 अक्टूबर, 2008 को बेंगलुरू में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच से लेकर चेन्नई टेस्ट तक द्रविड़ का स्कोर कुछ इस प्रकार रहा है-5, 39, बल्लेबाजी नहीं की, 11, 11, 0, 3, 3 और 4 रन।
बेंगलुरू टेस्ट मैच की पहली पारी में द्रविड़ ने 51 रन बनाए थे। उससे पहले अगस्त में श्रीलंका के साथ खेले गए कोलंबो टेस्ट मैच में भी उन्होंने 68 रन बनाए थे लेकिन उससे पहले की नौ पारियों में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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