आस्ट्रेलिया में 'क्रिकइंफो' के क्रिकेट संवाददाता पीटर इंग्लिश के मुताबिक गुरुवार को एकदिवसीय तथा ट्वेंटी-20 टीमों से निकाले जाने के बाद जब हेडन घर पहुंचे तो उनकी बेटी ने उन्हें निराशा भुलाकर एक साल और खेलने की सलाह दी थी लेकिन अपनी बेटी की इस भावनात्मक सलाह को दरकिनार कर हेडन ने अपनी टीम को अलविदा कहने का फैसला किया।
पीटर ने हेडन के हवाले से लिखा है, "शनिवार को मैं अपनी बड़ी बेटी ग्रेस के साथ बाग में टमाटर चुन रहा था। बातों-बातों में मैंने ग्रेस से कहा- बेटी लगता है कि अब मेरे संन्यास लेने का वक्त आ गया है क्योंकि मैं आप लोगों के साथ रहना चाहता हूं। मेरी बेटी ने मेरे फैसले का स्वागत करते हुए कहा-आपने बिल्कुल ठीक सोचा है लेकिन मैं चाहती हूं कि आप अगले क्रिसमस तक खेलते रहें। ग्रेस ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उसे बॉक्सिंग डे टेस्ट बहुत पसंद है लेकिन मैंने उससे कहा-नहीं बेटी, अब बहुत हो गया।"
अपने परिवार के साथ तीन दिन गुजारने के दौरान हेडन ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को अपने फैसले के पक्ष में तैयार किया। उन्होंने कहा, "परिवार को समझाने में मुझे काफी दिक्कत हुई लेकिन मैं जानता था कि खेलना मुझे है और इससे दूर जाने का फैसला भी मुझे ही करना है। मैं क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं, जिंदगी से नहीं। अब मैं अपने परिवार के साथ मछली पकड़ने, नौकायन करने और खाना पकाने का काम चाव से कर सकता हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।