पुलिस के मुताबिक हजारों दर्शक मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मोइनुल हक स्टेडियम की बैरीकेटिंग तोड़कर मैदान में घुस गए। कुछ दर्शकों ने पुलिस पर पथराव किया। ऐसे में पुलिस-प्रशासन को भी लाठी भांजनी पड़ी। इसी क्रम में कई दर्शकों को चोट लगी।
दर्शकों के उतावलेपन के कारण पुलिस सहवाग, गंभीर, प्रवीण कुमार, पीयूष चावला और विनोद कांबली सहित कई खिलाड़ियों को अपने घेरे में लेकर मैदान से बाहर ले गई।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने आईएएनएस को बताया, "स्टेडियम के अंदर मची भगदड़ में कम के कम दो दर्जन दर्शक घायल हुए हैं। अपने चहेते खिलाड़ियों को देखने के लिए दर्शक पुरस्कार वितरण समारोह स्थल तक पहुंच गए थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस क्रम में कई दर्शकों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसके कारण दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए।"
ज्ञात हो कि इस प्रतियोगिता में कुल छह टीमों ने भाग लिया था जिसमें सहवाग की फ्रंटलाइन और विनोद कांबली की आईटीसी की टीम फाइनल में पहुंची थी। फाइनल में फ्रंटलाइन ने आईटीसी को पराजित कर दिया।
उधर, एसोसिएशन ऑफ बिहार क्रिकेट (एबीसी) के मीडिया प्रभारी संजीव मिश्र ने बताया कि प्रशासन भीड़ को सही तरीके से नहीं संभाल पाया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने आवश्यकता से काफी कम पुलिस बल उपलब्ध कराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।