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मचान से होती है कमेंटरी और रेलवे लाइन बनती हैं दर्शक दीर्घा

लखनऊ, 24 जनवरी (आईएएनएस)। मचान पर कमेंटरी बाक्स, सार्वजनिक शौचालय की छत पर पवेलियन। रेल की पटरियां, पेड़ और घरों की छतें दर्शक दीर्घा। यह नजारा है एक गांव के ट्वेंटी-20 क्रिकेट कप का।

लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र के सीतापुर रोड स्थित इंटौजा मैदान पर हर साल प्रियदशिर्नी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन होता है जिसमें बीस-बीस ओवर के मैच खेले जाते हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन पिछले 19 सालों से हो रहा है।

इस प्रतियोगिता का एक खास दर्शक वर्ग है जो कारों से आने के बजाय पैदल और साइकिल से आकर मैच का लुत्फ उठाता है। क्रिकेट के इन शौकीनों में खेतिहर मजदूर, किसान और छोटा-मोटा रोजगार करने वाले लोग होते हैं, जो मैच देखने के दौरान घर से लाए नाश्ते का भी मजा लेते हैं। मजदूरी करने वाले किशोर कहते हैं कि जब यह क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होती है, तो उस दौरान वह काम पर न जाकर मैच देखने आते हैं।

जब से यह प्रतियोगिता शुरू हुई तब से उम्रदराज वसीम रजा यहां मचान पर बैठकर कमेंट्री करते हैं। वह कहते हैं कि जनवरी में शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता का उन्हें बेसब्री से इंतजार रहता है। इस प्रतियोगिता का फाइनल 26 जनवरी को होता है।

लखनऊ, फैजाबाद, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के खिलाड़ी कहते हैं कि उनको हर साल यहां के दर्शकों का उत्साहवर्धन और आयोजकों की शानदार मेजबानी बुलाती है।

अवध क्लब सीतापुर के मून और निहाल पिछले ग्यारह साल से खेलने आ रहे हैं। वे कहते हैं कि यहां के दर्शकों का प्यार चुंबक का काम करता है।

आलमनगर क्रिकेट क्लब के कप्तान मधुर श्याम कहते हैं कि यहां के दर्शक किसी खास टीम या खास खिलाड़ी की हूटिंग नहीं करते हैं। इसके अलावा इस प्रतियोगिता में अनुशासन को भी बहुत महत्व दिया जाता है।

प्रतियोगिता के आयोजक श्रीकांत मिश्रा कहते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तो ट्वेंटी-20 क्रिकेट का क्रेज अब बढ़ा है लेकिन यहां पर 1991 से ही बीस-बीस ओवर के मैच खेले जाते रहे हैं। ट्वेंटी-20 क्रिकेट के लोकप्रिय होने के बाद हम लोग भी इसे ट्वेंटी-20 कप के नाम से पुकारते हैं। मिश्रा के मुताबिक क्रिकेट के प्रति गांव के लोगों को जागरूक बनाने के मकसद से उन्होंने इस प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किया था।

मैदान के एक तरफ रेलवे लाइन हैं जो मैच के दौरान दर्शकों से पटी रहती हैं। जब ट्रेन यहां से गुजरती है तो दर्शक उठ जाते हैं और मैच भी रोक दिया जाता है। ट्रेन गुजरते ही फिर से मैच शुरू हो जाता है।

इंडो एशियन न्यूज सर्विस।

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Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:21 [IST]
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