आस्ट्रेलियन ओपन : सेरेना और युकी बने चैंपियन, चूक गए भूपति (राउंडअप)
अमेरिका की सेरेना ने महिला वर्ग का एकल खिताब जीतने के साथ विश्व वरीयता क्रम की नंबर-1 की कुर्सी भी हथिया ली। खिताबी मुकाबले में सेरेना ने तीसरी वरीयता प्राप्त रूसी खिलाड़ी दिनारा सफीना को 6-0, 6-3 से पराजित किया।
इसी के साथ सेरेना ने सर्बिया की जेलेना जानकोविक को नंबर-1 कुर्सी से उतार दिया है। जानकोविक आस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे दौर में ही हार गई थीं।
सेरेना सितंबर 2008 के बाद फिर से नंबर-1 की कुर्सी हथियाने में कामयाब हुई हैं। अमेरिकी ओपन का खिताब जीतकर सेरेना ने सार्बिया की एना इवानोविक को पदच्युत किया था।
अपनी बड़ी बहन वीनस विलियम्स के साथ शुक्रवार को महिला युगल खिताब जीतने वाली सेरेना ने चौथी बार आस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता है। यह उनके करियर का 10वां ग्रैंड स्लैम खिताब है।
सेरेना 10 या उससे अधिक एकल ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाली सातवीं महिला खिलाड़ी बन गई हैं। जीत के बाद सेरेना ने कहा, "मैं इस जीत से बेहद खुश हूं लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगी कि सफीना का भविष्य बहुत उज्जवल है। वह शानदार खेल रही हैं। आने वाला दिन उन्हीं का है।"
उधर, अमेरिका के ब्रायन बंधुओं-बॉब और माइक ने भूपति और उनके जोड़ीदार नोल्स को हराकर पुरुषों का युगल खिताब तीसरी बार जीत लिया।
ब्रायन बंधुओं ने भूपति-नोल्स को तीन सेट तक चले मुकाबले में 2-6, 7-5, 6-0 से पराजित किया। ब्रायन बंधुओं ने अपने करियर का सातवां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। आस्ट्रेलियन ओपन में यह उनकी तीसरी जीत है।
जूनियर वर्ग में भारत को खिताबी सफलता मिली। भारत के युकी भांबरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एकल खिताब जीता। दिल्ली के निवासी युकी ने जर्मनी के अलेक्जेंड्रॉस- फर्डिनांडॉस जॉर्गोडॉस को सीधे सेटों में 6-3, 6-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में एकल वर्ग में जूनियर खिताब पर कब्जा जमाने वाले वह चौथे भारतीय बन गए हैं। इससे पहले रामनाथन कृष्णन, उनके बेटे रमेश कृष्णन और लिएंडर पेस ने ग्रैंड स्लैम खिताब जीता है। मैच की शुरुआत में ही भांबरी ने जॉर्गोडॉस पर दबदबा बनाए रखा और पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में भांबरी ने अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को 6-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
रामनाथन ग्रैंड स्लैम का जूनियर खिताब जीतने वाले पहले भारतीय थे। उन्होंने वर्ष 1954 में विंबलडन में जूनियर खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 1979 में उनके पुत्र रमेश ने फ्रेंच ओपन और विंबलडन के जूनियर खिताब पर कब्जा जमाया था। पेस ने वर्ष 1990 में विंबलडन और 1991 में यूएस ओपन का जूनियर खिताब अपने नाम किया था।
16 साल के युकी ने 57 मिनट में इतिहास रच दिया। युकी ने अपने शानदार फोरहैंड और वॉली की मदद से जॉर्गोडॉस की चुनौती को ध्वस्त करके विश्व टेनिस में अपनी पहचान कायम की।
इस जीत के साथ युकी जूनियर खिताब जीत चुके एंडी रोडिक, मार्कोस बघदातिस और गेल मोनफील्स जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की जमात में शामिल हो गए हैं। एक साल के अंदर युकी ने अपने खेल में जबरदस्त सुधार किया और चैंपियन बनकर उभरे। 2008 में वह सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया के बर्नाड टोमिक के हाथों हार गए थे।
4 जुलाई, 1992 को दिल्ली में जन्मे युकी के शानदार फार्म और जबरदस्त आत्मविश्वास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन पहले तक वह अपने प्रतिद्वंद्वी को ठीक से जानते भी नहीं थे।
मैच के बाद युकी ने कहा, "मैंने जॉर्गोडॉस को कभी देखा नहीं था। मैंने उनके बारे में सुना भी नहीं था। मैंने उन्हें पहली बार सेमीफाइनल मुकाबले में खेलते देखा। उसी वक्त मैंने उनके बारे में थोड़ा बहुत जाना।"
युकी ने कहा कि वह इस खिताब को अर्से से हासिल करना चाहते थे। उन्होंने कहा, "आस्ट्रेलियन ओपन जीतना काफी मायने रखता है। यह खिताब जीतने वाला मैं पहला भारतीय नहीं, लेकिन इसके बावजूद यह खिताब मेरे लिए बहुत खास है। मैंने इस खिताब को जीतने का सपना देखा था। मैं खुश हूं कि आज मेरा सपना सच हो गया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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