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विश्व कप-2011 के बाद संन्यास लेंगे मुरलीधरन

'क्रिकइंफो' से बातचीत के दौरान मुरली ने कहा, "मैं अभी मानसिक और शारीरिक रूप से दुरुस्त हूं। मेरा लक्ष्य 2011 विश्व कप खेलना है। उसके बाद मैं क्रिकेट को अलविदा कह दूंगा। मैंने अपने करियर में वह सब हासिल कर लिया है, जिसके बारे में मैंने सोचा तक नहीं था। अब मेरी कोई लालसा नहीं है। एक लालसा अपनी टीम को एक बार फिर विश्व कप जीतते देखना है, आशा है वह भी पूरी हो जाएगी।"

2011 विश्व कप का आयोजन भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की सह-मेजबानी में होना है। गुरुवार को पाकिस्तान के वसीम अकरम का रिकार्ड तोड़कर एकदिवसीय क्रिकेट के सबसे सफल गेंदबाज बने मुरली ने कहा कि वह अपने अब तक के करियर से पूरी तरह संतुष्ट हैं।

बकौल मुरली, "विश्व का सबसे सफल एकदिवसीय गेंदबाज बनना अपने आप में एक महान सफलता है। मैं इसे हासिल करके खुश हूं। मेरे लिए यह सचिन तेंदुलकर की तरह सबसे अधिक रन बनाने जैसा है और इस मुकाम पर पहुंचकर मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।"

मुरली ने भारत के साथ प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जा गए चौथे एकदिवसीय मुकाबले के दौरान 503 विकेट लेकर अकरम के विश्व रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया। अपने करियर के 328वें मैच में खेलते हुए 36 वर्षीय मुरलीधरन ने गौतम गंभीर के रूप में यह सफलता हासिल की। अकरम ने 502 विकेट हासिल किए हैं। अकरम ने 356 मैचों में इतने विकेट चटकाए हैं।

मुरलीधरन दुनिया के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज हैं। उनके नाम 769 विकेट दर्ज हैं। वह क्रिकेट इतिहास के दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 1000 से अधिक विकेट लिए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:21 [IST]
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