सेक्टर-42 स्थित हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में हॉलैंड के लिए जेरोन हॉट्सबर्गर ने दो गोल किए जबकि भारत की ओर कप्तान संदीप सिंह ने पेनाल्टी स्ट्रोक के माध्यम से एकमात्र गोल किया।
पहले हॉफ में दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकी थीं। मध्यांतर के बाद भारत ने संदीप के गोल की मदद से 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी लेकिन जल्द ही हॉलैंड की टीम ने बराबरी का गोल कर दिया।
जैसा कि पिछले कुछ समय से देखने में आ रहा है, मैच के अंतिम क्षणों में भारतीय टीम के प्रदर्शन में गिरावट देखी गई। इसी का फायदा उठाकर हॉलैंड ने पेनाल्टी कार्नर हासिल किया और उसे गोल में बदलकर 2-1 की बढ़त बना ली।
उधर, मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जर्मनी के लिए यह टूर्नामेंट किसी त्रासदी से कम नहीं रहा। इसका कारण यह है कि जर्मनी की टीम चार देशों की इस प्रतियोगिता में सबसे नीचे यानी चौथे स्थान पर रही।
सोमवार को तीसरे और चौथे स्थान के लिए खेले गए प्ले-ऑफ मुकाबले में न्यूजीलैंड ने उसे 3-2 से पराजित कर भारत में आकर खेलने के अपने फैसले को काफी हद तक सार्थक बना दिया। प्रतियोगिता में सबसे कमजोर मानी जा रही न्यूजीलैंड की टीम पूरे मैच के दौरान जर्मनी पर हावी रही।
न्यूजीलैंड के लिए जहां एंड्रेन हेवार्ड ने 26वें मिनट में, लायड स्टीफेंसन ने 50वें मिनट में और जोएल बेकर ने 70वें मिनट में गोल किए जबकि जर्मनी की ओर से मोर्टिज फ्रस्टे ने 17वें मिनट और ऑस्कर डेकी ने 51वें मिनट में गोल किए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।