किरमानी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "अच्छी बात यह है कि धोनी प्रत्येक मैच के साथ सुधार कर रहे हैं लेकिन मेरी नजर में वह तकनीकी रूप से दक्ष विकेटकीपर नहीं हैं। उनकी शैली में खोट है। यह अलग बात है कि उन्होंने अपनी अलग शैली बना ली है।"
किरमानी ने जो सबसे अहम बात कही, वह यह थी कि धोनी में एक स्वाभाविक एथलीट के गुण नहीं हैं। पूर्व टेस्ट क्रिकेटर के मुताबिक किसी विकेटकीपर की सफलता काफी हद तक उसकी चपलता पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा, "मैंने जब से धोनी को देखना शुरू किया है, यह महसूस किया है कि वह स्वाभाविक एथलीट नहीं हैं। हालांकि वह अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान देते हैं लेकिन विकेट के पीछे किसी खिलाड़ी की सफलता उसकी फूर्ति पर निर्भर करती है। इस लिहाज से वह थोड़ा पिछड़ते नजर आते हैं।"
किरमानी ने भले ही धोनी की विकेटकीपिंग में खोट निकाली लेकिन वह उनकी कप्तानी के कायल हैं। उन्होंने कहा, "धोनी सही मायने में कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। उनकी कप्तानी प्रेरणादायक है। एक कप्तान से यही अपेक्षा रहती है कि वह खुद भी बढ़िया खेले और अपने साथियों को भी बढ़िया खेलने के लिए प्रेरित करे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।