अपने करियर का चौथा डब्ल्यूटीए फाइनल खेल रहीं टूर्नामेंट की गैरवरीयता प्राप्त खिलाड़ी सानिया को हराने में ज्योनारेवा को दिक्कत नहीं हुई। उन्होने यह मुकाबला एक घंटे में अपने नाम किया। ज्योनारेवा ने विश्व रैंकिंग में 126वीं वरीयता प्राप्त सानिया की सर्विस पांच बार ब्रेक की।
मैच के बाद सानिया ने कहा, "मैंने अपनी पूरा दमखम झोंक दिया, लेकिन ज्योनारेवा ने मुझसे बढ़िया खेल दिखाया। मैं अगले साल एक बार फिर यह खिताब जीतने के इरादे से आऊंगी।"
सानिया और ज्योनारेवा के बीच अब तक दो मैच हुए हैं, जिसमें दोनों ने एक-एक बार जीत हासिल की है। सानिया ने 2005 में जापान ओपन के दौरान रूसी खिलाड़ी को हार का स्वाद चखाया था।
गौरतलब है कि सानिया पिछले वर्ष स्टैनफोर्ड ओपन के फाइनल में पहुंची थीं जहां उन्हें रूस की एना चाकवेताजेद ने हरा दिया था। सानिया ने सनफीस्ट ओपन के रूप में अब तक एकमात्र डब्ल्यूटीए खिताब जीता है।
उनके नाम एक ग्रैंड स्लैम भी दर्ज है, जो उन्होंने इस साल भारत के दिग्गज युगल विशेषज्ञ महेश भूपति के साथ आस्ट्रेलियन ओपन में जीता है।
ज्योनारेवा को पुरस्कार के तौर पर 37 हजार डॉलर और 280 डब्ल्यूटीए अंक मिले जबकि सानिया को 19 हजार डॉलर और 200 डब्ल्यूए अंकों से संतोष करना पड़ा। इस टूर्नामेंट के बाद सानिया की एकल रैंकिंग सुधरने के आसार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।