न्यायालय के इस फैसले के बाद मोदी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। मोदी ने पत्रकारों से कहा, "न्यायालय के फैसले ने मेरे कदम को जायजा ठहरा दिया है। मैं इससे बेहद खुश हूं। संविधान में परिवर्तन करने की विरोधी पक्ष की कोशिशों को करारा झटका लगा है।"
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आरसीए के चुनाव को स्थगित करने का आदेश पारित किया। यह चुनाव 22 फरवरी को होना था लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद अब इसे एक मार्च को कराया जाएगा।
न्यायालय ने चुनाव के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एन.एम. कासलीवाल को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन और न्यायाधीश पी. सथाशिवम की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यह चुनाव 11 फरवरी, 2005 से लागू आरसीए के संशोधित संविधान के अनुसार ही कराया जाएगा।
खंडपीठ का यह आदेश मोदी की उस याचिका की सुनवाई के बाद आया, जिसमें उन्होंने अपने साथ काम करने वाले लोगों पर अविश्वास जताया था।
मोदी ने कहा था कि उन्हें डर है कि न्यायालय के हस्तक्षेप के बगैर चुनाव में भारी गड़बड़ी की जा सकती है। मोदी ने चुनाव के निष्पक्ष संपादन के लिए न्यायालय से मदद की गुहार लगाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।